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दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर थार का साइनबोर्ड में फंसने का वीडियो: असली या फर्जी?

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर एक थार गाड़ी के साइनबोर्ड में फंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि एआई तकनीक से निर्मित एक नकली वीडियो है। इस लेख में हम वीडियो की सच्चाई, यूजर्स के दावों और एआई टूल की मदद से की गई जांच के बारे में विस्तार से जानेंगे। क्या यह वीडियो वास्तव में एक हादसे का है या सिर्फ एक मजेदार फर्जीवाड़ा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर थार का साइनबोर्ड में फंसने का वीडियो: असली या फर्जी?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो


नई दिल्ली: दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में एक थार गाड़ी एक बड़े साइनबोर्ड के भीतर फंसी हुई दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह घटना एनएच-48 पर हुई, जहां तेज गति से चल रही थार गाड़ी अनियंत्रित होकर साइनबोर्ड में घुस गई।


वास्तविकता की जांच

हालांकि, जब इस वायरल वीडियो की गहनता से जांच की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई असली हादसा नहीं है, बल्कि एआई तकनीक से निर्मित एक नकली वीडियो है।


वीडियो में क्या है?

इस 10 सेकंड के वीडियो में सड़क पर सामान्य ट्रैफिक दिखाई दे रहा है। इसी दौरान, एक साइनबोर्ड के भीतर थार गाड़ी फंसी हुई नजर आती है। साइनबोर्ड पर दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, एक्जिट 22 KM और NH 48 लिखा हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह वीडियो किसी चलती कार से रिकॉर्ड किया गया है।




यूजर्स के दावे

वीडियो को साझा करते हुए कई यूजर्स ने दावा किया है कि एनएच-48 पर यह एक बड़ा हादसा हुआ। एक यूजर ने लिखा, "सड़क पर रफ्तार, हवा में थार: साइनबोर्ड चीरते हुए बीच में जा फंसी गाड़ी! दिल्ली गुड़गांव: एक तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल साइनबोर्ड से टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी उछलकर बोर्ड के बीचों-बीच जा फंसी, जिसे देख आसपास के लोग दंग रह गए।"


सच्चाई का खुलासा

वीडियो को ध्यान से देखने पर कई असामान्य बातें सामने आईं। इतनी बड़ी घटना के बावजूद ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता दिख रहा है, जबकि साइनबोर्ड में फंसी गाड़ी कभी भी गिर सकती थी। यह दृश्य संदेह पैदा करता है।


फ्रेम दर फ्रेम विश्लेषण में यह भी पाया गया कि साइनबोर्ड के दूसरी तरफ लिखे कुछ अक्षर किसी सार्थक शब्द का निर्माण नहीं करते। इसके अलावा, गाड़ी और बोर्ड के नीचे कुछ टुकड़े हवा में स्थिर दिखाई देते हैं, जो गिरते नहीं हैं। ये सभी संकेत वीडियो के कृत्रिम होने की ओर इशारा करते हैं।


एआई टूल से जांच

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एआई और डीपफेक सामग्री की जांच करने वाले टूल hivemoderation का उपयोग किया गया। जांच में सामने आया कि 99.9 फीसदी संभावना है कि यह वीडियो एआई द्वारा जनरेट किया गया है।


इंस्टाग्राम अकाउंट से सुराग

वीडियो में Viiztrix नामक इंस्टाग्राम आईडी का वॉटरमार्क नजर आता है। जब इस अकाउंट की पड़ताल की गई, तो वहां एआई से तैयार किए गए कई अन्य वीडियो भी मिले। अकाउंट संचालक विष्णु एस ने अपनी प्रोफाइल बायो में स्पष्ट रूप से लिखा है कि ये एआई विजुअल्स हैं।


वायरल वीडियो के बाद इसी अकाउंट से एक और समान वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें एक अन्य गाड़ी साइनबोर्ड में फंसी हुई दिखाई गई है।


वायरल वीडियो की सच्चाई

दिल्ली-गुरुग्राम एनएच-48 पर थार के साइनबोर्ड में घुसने का वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है। जांच में यह पूरी तरह एआई से तैयार किया गया फर्जी वीडियो साबित हुआ है। सोशल मीडिया पर ऐसे भ्रामक वीडियो तेजी से फैलते हैं, इसलिए किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है।