Newzfatafatlogo

बीकानेर में ओलावृष्टि का अनोखा नजारा: बर्फीले पहाड़ों जैसा दृश्य

राजस्थान के बीकानेर में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने इलाके को बर्फीले पहाड़ों जैसा रूप दे दिया है। एक वन अधिकारी द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे अर्जुनसर क्षेत्र में ओलों की मोटी परत ने फसलों को नुकसान पहुँचाया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। इस असामान्य मौसम ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी चर्चा को जन्म दिया है। जानें इस अद्भुत दृश्य और मौसम के बदलाव के बारे में अधिक जानकारी।
 | 
बीकानेर में ओलावृष्टि का अनोखा नजारा: बर्फीले पहाड़ों जैसा दृश्य

बीकानेर में ओलों की चादर से ढका खेत


राजस्थान के बीकानेर जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक खेत मोटे सफेद ओलों की परत से ढका हुआ दिखाई दे रहा है। यह दृश्य इतना अद्भुत है कि यह किसी बर्फीले क्षेत्र की याद दिलाता है, जो आमतौर पर रेगिस्तानी जलवायु के लिए जाना जाता है।


वन अधिकारी का वीडियो साझा करना

यह वीडियो एक वन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है। इसमें अर्जुनसर क्षेत्र में हुई अचानक ओलावृष्टि का दृश्य दिखाया गया है, जहां ओलों की मोटी परत जमीन पर बर्फ की तरह दिखाई दे रही है। अधिकारी ने इस दृश्य को साझा करते हुए लिखा कि यह कश्मीर नहीं, बल्कि बीकानेर का अर्जुनसर है। उन्होंने फसलों को हुए नुकसान के बारे में चिंता व्यक्त की और प्रशासन से किसानों को बीमा का लाभ जल्द दिलाने की अपील की।




पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

पिछले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के कई क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव आया है। बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई है। पद्मपुर में सबसे अधिक 11.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई।


येलो अलर्ट की घोषणा

मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल को बीकानेर का अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में मौसम में इसी तरह के बदलाव की संभावना है। 7 और 8 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।


जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर जैसे क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, 5 और 6 अप्रैल को मौसम में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बाद एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।


जलवायु परिवर्तन पर चर्चा

इस असामान्य मौसम ने लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। कई लोग इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं। पिछले साल इसी समय बीकानेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, जबकि इस बार ठंडक, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम के बदलते पैटर्न को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।