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सैन फ्रांसिस्को का AI स्टार्टअप Cursor: जूते न पहनने की अनोखी ऑफिस नीति

सैन फ्रांसिस्को में स्थित AI स्टार्टअप Cursor ने अपनी अनोखी ऑफिस नीति के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें कर्मचारियों को ऑफिस में जूते पहनने की अनुमति नहीं है। इस नीति का उद्देश्य कर्मचारियों को एक आरामदायक माहौल प्रदान करना है, जिससे वे बेहतर तरीके से काम कर सकें। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे यह नीति टेक इंडस्ट्री में एक नई संस्कृति को जन्म दे रही है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
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सैन फ्रांसिस्को का AI स्टार्टअप Cursor: जूते न पहनने की अनोखी ऑफिस नीति

Cursor की अनोखी ऑफिस पॉलिसी


सैन फ्रांसिस्को में स्थित AI स्टार्टअप Cursor अपनी अनोखी ऑफिस नीति के कारण चर्चा में है। इस कंपनी में कर्मचारियों और मेहमानों को ऑफिस में जूते पहनने की अनुमति नहीं है। सभी को ऑफिस में प्रवेश करने से पहले अपने जूते बाहर उतारने होते हैं और अंदर मोज़े या चप्पल पहनकर ही काम करना होता है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

यह अनोखी व्यवस्था तब सुर्खियों में आई जब क्यूपर्टिनो के डेवलपर ऐंड्रे लैंडग्राफ ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें ऑफिस के फर्श पर कई जोड़ी जूते दिखाई दे रहे थे। इस तस्वीर को देखकर टेक जगत के कई लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह Cursor का ऑफिस है।




आरामदायक माहौल का लाभ

कंपनी का मानना है कि इस नियम से कर्मचारियों को घर जैसा आरामदायक माहौल मिलता है, जो तनाव को कम करता है और काम के दौरान ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। Cursor के कर्मचारी बेन लैंग ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की तस्वीरें साझा की थीं और बताया था कि उन्होंने ऐसे कई स्टार्टअप्स में काम किया है, जहां ऑफिस के अंदर जूते पहनने की अनुमति नहीं होती। उनका कहना है कि इससे कार्यस्थल अधिक सहज और अनौपचारिक महसूस होता है।


Cursor का परिचय

Cursor एक AI-आधारित कोड एडिटर विकसित करने वाली कंपनी है, जो प्रोग्रामर्स को कोड लिखने और उसे बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है। कंपनी ने नवंबर 2025 में 2.3 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की थी, जिससे इसकी वैल्यूएशन 29.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। Cursor की स्थापना 2022 में अमन सेंगर, माइकल ट्रूएल, सुआलेह आसिफ और अरविद लुनमार्क ने की थी।


जूते न पहनने की नीति का महत्व

सिलिकॉन वैली में इस तरह की 'नो-शूज़' नीति कोई नई बात नहीं है। कई स्टार्टअप्स इस संस्कृति को बढ़ावा देते हैं ताकि ऑफिस का माहौल औपचारिक कम और आरामदायक ज्यादा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्क-फ्रॉम-होम के बढ़ते चलन के बाद कंपनियां ऑफिस में भी घरेलू माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं। इससे कर्मचारियों की उत्पादकता और मानसिक संतुलन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


इसके अलावा, इस नियम के पीछे व्यावहारिक कारण भी हैं। कुछ कंपनियों का कहना है कि जूते बाहर रखने से ऑफिस साफ-सुथरा रहता है, खासकर बारिश या गंदगी वाले मौसम में। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड फिलहाल युवा और छोटे स्टार्टअप्स में ज्यादा लोकप्रिय है, जबकि पारंपरिक कॉर्पोरेट ऑफिसों में इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।