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हर्ष गोयनका की पोस्ट ने विदेशी धरती पर भारतीयों के व्यवहार पर छेड़ी नई बहस

हर्ष गोयनका की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने विदेशों में भारतीयों के सार्वजनिक व्यवहार पर नई बहस को जन्म दिया है। उन्होंने स्विट्जरलैंड में एक होटल में देखे गए विशेष नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयों का आचरण देश की छवि को प्रभावित कर रहा है। गोयनका ने वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय पर्यटक सार्वजनिक स्थानों पर गरबा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने स्थानीय नियमों का सम्मान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जानें इस पर और क्या कहा गया है।
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हर्ष गोयनका की पोस्ट ने विदेशी धरती पर भारतीयों के व्यवहार पर छेड़ी नई बहस

नई दिल्ली में उठी बहस


नई दिल्ली: प्रसिद्ध उद्योगपति हर्ष गोयनका की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने विदेशों में भारतीयों के सार्वजनिक व्यवहार पर नई चर्चा को जन्म दिया है। उन्होंने हाल ही में अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर स्विट्जरलैंड की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ रही है, लेकिन कुछ व्यक्तियों का आचरण देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।


पोस्ट की मुख्य बातें

गोयनका ने बताया कि 2019 में स्विट्जरलैंड के गस्टाड में एक होटल में उन्हें एक नोटिस देखने को मिला, जो विशेष रूप से भारतीय मेहमानों के लिए था। इस नोटिस में होटल के नियमों और आचार-व्यवहार से संबंधित कुछ निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि किसी विशेष देश के लिए अलग से निर्देश देखना उन्हें असहज लगा और इसने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया।



वायरल वीडियो पर चर्चा

उन्होंने कुछ वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय पर्यटकों को विदेशों में सार्वजनिक स्थानों और रेस्तरां में गरबा करते हुए देखा गया। इन वीडियो पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं; कुछ ने इसे भारतीय संस्कृति का प्रचार बताया, जबकि अन्य ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी गतिविधियां दूसरों के लिए असुविधा पैदा कर सकती हैं।


गोयनका ने यह भी कहा कि विदेश यात्रा के दौरान लोगों को स्थानीय नियमों और सामाजिक शिष्टाचार का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने एक घटना का उदाहरण दिया, जिसमें विदेश में तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।


जापान का उदाहरण

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय आज व्यापार, तकनीक, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। लेकिन उनका मानना है कि नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार में सुधार की आवश्यकता है। जापान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग अनुशासन, स्वच्छता और सार्वजनिक स्थानों के प्रति सम्मान के लिए जाने जाते हैं। गोयनका की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी बातों से सहमत होते नजर आ रहे हैं।