2026 में होली और होलिका दहन: ज्योतिषीय संयोग और राशियों पर प्रभाव
होली और होलिका दहन का महत्व
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में होली और होलिका दहन का विशेष स्थान है। यह पर्व आस्था, विश्वास और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पर्व एक अद्वितीय ज्योतिषीय संयोग के साथ आ रहा है, जिसने भक्तों और ज्योतिष प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसके ठीक एक दिन पहले, 3 मार्च को चंद्रमा और मंगल अपनी राशि बदलेंगे, जो कुछ राशियों के लिए आर्थिक प्रगति और जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।
ग्रहों की स्थिति से बनेगा विशेष योग
3 मार्च की सुबह चंद्रमा सिंह राशि में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जबकि रात में मंगल ग्रह कुंभ राशि में शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, जब मंगल और चंद्रमा शुभ स्थिति में होते हैं, तो साहस, ऊर्जा और आर्थिक अवसरों में वृद्धि के संकेत मिलते हैं। यह संयोग कुछ राशियों के लिए राहत और उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
सिंह राशि के लिए नई संभावनाएं
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। करियर में चल रही समस्याएं धीरे-धीरे हल हो सकती हैं और मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में नए अवसर सामने आ सकते हैं, और व्यापारियों को लाभदायक प्रस्ताव मिल सकते हैं। पारिवारिक माहौल में सुधार होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
धनु राशि के लिए मेहनत का फल
धनु राशि वालों के लिए यह गोचर लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का परिणाम ला सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है, जिससे जीवन में सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। रिश्तों में सुधार के संकेत हैं और करियर में स्थिरता आ सकती है। यात्रा के योग बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभकारी साबित होंगे।
कुंभ राशि की आर्थिक स्थिति में सुधार
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती का संकेत दे रहा है। कारोबार में लाभ के योग बन रहे हैं और पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को रुका हुआ धन मिलने या पदोन्नति की संभावना है। पारिवारिक तनाव कम होगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।
