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ऑस्ट्रेलिया में मिला 4.6 अरब साल पुराना उल्कापिंड, वैज्ञानिकों को किया हैरान

ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति ने एक ऐसा पत्थर खोजा, जिसे उसने सोना समझा था, लेकिन वह वास्तव में 4.6 अरब साल पुराना उल्कापिंड निकला। यह अद्भुत खोज वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बन गई है। जानें इस पत्थर की कहानी और इसके पीछे के वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में।
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ऑस्ट्रेलिया में मिला 4.6 अरब साल पुराना उल्कापिंड, वैज्ञानिकों को किया हैरान

एक अद्भुत खोज


क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर में रखा कोई साधारण सा पत्थर पृथ्वी से भी पुराना हो सकता है? ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने जिसे कई वर्षों तक सोने का टुकड़ा समझा, वह वास्तव में 4.6 अरब साल पुराना एक दुर्लभ उल्कापिंड निकला। यह एक ब्रह्मांडीय खजाना है जिसने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है।


पत्थर की मजबूती

यह दिलचस्प कहानी 2015 में शुरू होती है, जब डेविड होल नामक व्यक्ति ने मेलबर्न से लगभग 160 किलोमीटर दूर मैरीबरो रीजनल पार्क में एक भारी और लाल रंग का जंग लगा पत्थर पाया। यह क्षेत्र 19वीं सदी से सोने की खदानों के लिए प्रसिद्ध रहा है। पत्थर के असामान्य वजन को देखकर डेविड को यकीन हो गया कि इसके अंदर सोने का बड़ा टुकड़ा छिपा है। उन्होंने इसे बाहर निकालने के लिए आरी, ड्रिल मशीन, तेजाब और यहां तक कि एक बड़े हथौड़े का भी इस्तेमाल किया, लेकिन पत्थर ने हार नहीं मानी।


म्यूजियम में खुला राज

कई सालों की कोशिशों के बाद, डेविड ने इस 17 किलोग्राम वजनी पत्थर को मेलबर्न म्यूजियम में ले जाकर भूवैज्ञानिकों से मदद मांगी। वहां भूवैज्ञानिक डर्मोट हेनरी और बिल बर्च ने इसे देखते ही पहचान लिया कि यह पृथ्वी की कोई चीज नहीं है। हीरे की आरी से इसका एक छोटा टुकड़ा काटने पर यह स्पष्ट हो गया कि यह एक दुर्लभ H5 ऑर्डिनरी कॉन्ड्राइट उल्कापिंड है, जिसमें लोहे की मात्रा बहुत अधिक है।


क्षुद्रग्रह बेल्ट से यात्रा

वैज्ञानिकों के अनुसार, मैरीबरो उल्कापिंड मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित क्षुद्रग्रह बेल्ट से धरती पर आया है। कार्बन डेटिंग से पता चलता है कि यह लगभग 100 से 1,000 साल पहले पृथ्वी पर गिरा होगा। इस पत्थर में मौजूद कॉन्ड्र्यूल्स नामक छोटे-छोटे पिघले हुए कण हमारे सौरमंडल की शुरुआत के समय के हैं, जब पृथ्वी जैसे ग्रहों का निर्माण भी नहीं हुआ था।


एक अनोखी खोज

इस प्रकार के उल्कापिंडों को ब्रह्मांड का प्राकृतिक अभिलेखागार माना जाता है। इनमें ग्रहों के जन्म और रासायनिक विकास के महत्वपूर्ण रहस्य छिपे होते हैं। भूवैज्ञानिक डर्मोट हेनरी बताते हैं कि विक्टोरिया राज्य में अब तक हजारों सोने के टुकड़े मिल चुके हैं, लेकिन यह आधिकारिक तौर पर खोजा गया केवल 17वां उल्कापिंड है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर ऐसे बेशकीमती पत्थरों को नजरअंदाज कर देते हैं। अमेरिका में एक ऐसा उल्कापिंड 80 सालों तक दरवाजे को रोकने के लिए इस्तेमाल होता रहा।