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चंद्र ग्रहण के दिन भोजन पकाने का सही समय और धार्मिक महत्व

3 मार्च 2026 को होने वाले चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन पकाने का सही समय जानें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूतक काल और ब्रह्म मुहूर्त का महत्व समझें। जानें कि किस समय भोजन बनाना और खाना उचित है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए। इस लेख में चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक नियमों का पालन करने के तरीके पर भी चर्चा की गई है।
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चंद्र ग्रहण के दिन भोजन पकाने का सही समय और धार्मिक महत्व

चंद्र ग्रहण का महत्व और सही समय

आज, 3 मार्च 2026, मंगलवार को साल का पहला चंद्रग्रहण हो रहा है। भारत में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण स्पष्ट रूप से देखा जाएगा। क्या आप जानना चाहते हैं कि सूतक काल से पहले भोजन पकाने के लिए धार्मिक दृष्टि से सही मुहूर्त क्या होना चाहिए? आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण के दिन भोजन पकाने का सही समय।




ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, "चंद्रमा पर ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान कई साधक सूतक काल से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक व्रत रखते हैं। जो लोग ऐसा नहीं कर पाते, वे भोजन को तुलसी की पत्ती के साथ ग्रहण कर सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को यह समझ नहीं आता कि चंद्र ग्रहण के दिन कब भोजन पकाना चाहिए। ज्योतिषियों का मानना है कि, "अच्छा यही होगा कि भोजन एक रात पहले ही पका लें और उसमें तुलसी डालकर रख दें।" जिन लोगों को बासी खाना पसंद नहीं है, वे इन मुहूर्त के अनुसार भोजन पकाएं।




चंद्र ग्रहण के दिन भोजन पकाने का समय




इस बार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को सुबह 6:20 बजे सूतक काल शुरू होगा, इसके बाद शाम 6:30 बजे तक भोजन नहीं पकाया जा सकता। इसलिए, भोजन सुबह उठकर ब्रह्म मुहूर्त या उषा काल में बनाया जा सकता है। उषा काल में सूतक लग रहा है और 5:05 से 5:55 बजे तक का समय ब्रह्म मुहूर्त है, तो यह भोजन पकाने के लिए सबसे उपयुक्त समय है।




चंद्र ग्रहण के दिन भोजन करने का समय




यह ध्यान देने योग्य है कि चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल में भोजन किया जा सकता है, लेकिन ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए। यदि कोई गर्भवती महिला है और वह भोजन करना चाहती है, तो वह ग्रहण काल में भी भोजन कर सकती है, बशर्ते कि उस भोजन में पहले से तुलसी का पत्ता डाल दिया जाए।




चंद्र ग्रहण के दिन धार्मिक नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है। सूतक से पहले ब्रह्म मुहूर्त में भोजन बनाना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसके साथ ही, तुलसी की पत्ती का उपयोग भोजन की शुद्धता बनाए रखने के लिए किया जाता है।