चारधाम यात्रा 2023: परिवहन व्यवस्था और लॉटरी प्रक्रिया की जानकारी
चारधाम यात्रा की शुरुआत
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से आरंभ होने जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। संयुक्त रोटेशन यातायात समिति ने बसों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है, जो यात्रा को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
धामों के कपाट खुलने की तिथियाँ
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। इसके बाद लाखों श्रद्धालु बाबा केदार, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
लॉटरी प्रक्रिया की जानकारी
संयुक्त रोटेशन समिति द्वारा अप्रैल के पहले सप्ताह में बसों की लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी में निकले नंबरों के आधार पर बसें चारधाम रूट पर भेजी जाएंगी, जिससे निष्पक्षता बनी रहेगी। समिति के पास 2200 से अधिक बसें हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत बसें इस रूट पर चलेंगी, जबकि शेष 40 प्रतिशत लोकल रूट पर संचालित की जाएंगी।
स्थानिय ऑपरेटरों की चिंताएँ
संयुक्त रोटेशन की स्थापना 1971 में हुई थी, जब केवल तीन कंपनियाँ थीं और 103 बसें चल रही थीं। वर्तमान में 2200 बसें संचालित की जा रही हैं। 2013 की आपदा के बाद यात्रा प्रभावित हुई थी, जिसके बाद संयुक्त रोटेशन को मजबूत किया गया। हालाँकि, कई यात्री बाहरी व्यावसायिक वाहनों का उपयोग करते हैं, जिससे स्थानीय बस ऑपरेटरों को नुकसान होता है। ऋषिकेश में परिवहन का मुख्य कारोबार यात्रा पर निर्भर है, लेकिन इन समस्याओं के कारण उनकी स्थिति कठिन होती जा रही है।
