चैत्र नवरात्रि 2026: घटस्थापना के दिन विशेष योगों का महत्व
विशेष योगों का संयोग
इस वर्ष घटस्थापना के दिन तीन महत्वपूर्ण योगों का संयोग बन रहा है, जिससे भक्तों में कुछ चिंता उत्पन्न हो रही है। चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से होगा और यह 27 मार्च तक चलेगी। पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना की जाती है, लेकिन इस बार अमावस्या, पंचक और खरमास का प्रभाव भी रहेगा.
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक है। अमावस्या का प्रभाव 18 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च सुबह 6:52 बजे तक रहेगा। सूर्योदय के समय अमावस्या होने से इसका प्रभाव पूरे दिन माना जाता है। यह दिन पितरों के लिए समर्पित होता है, इसलिए नए मांगलिक कार्य या शुभ शुरुआत इस दिन नहीं की जाती। हालांकि, घटस्थापना जैसी धार्मिक क्रियाएं प्रतिपदा के बाद की जा सकती हैं.
पंचक और खरमास का प्रभाव
पंचक का संयोग: पंचक 16 मार्च से 21 मार्च तक रहेगा, जिससे नवरात्रि के पहले तीन दिन पंचक में आएंगे। कुछ लोग इसे अशुभ मानते हैं, लेकिन घटस्थापना और देवी पूजा की अनुमति है। अन्य मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृहप्रवेश या नया वाहन खरीदने से बचें.
खरमास की अवधि: खरमास (मालमास) 15 मार्च से 14 अप्रैल तक रहेगा। इस दौरान सूर्य मीन राशि में होता है, जिससे यह समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। नवरात्रि में भी ऐसे कार्यों से बचना चाहिए.
घटस्थापना और पूजा की विधि
क्या करें: सुबह स्नान कर शुद्ध होकर कलश की स्थापना करें। गाय के गोबर से चौकी बनाएं, उस पर ज्वारे बोएं और कलश में जल, सुपारी, सिक्का आदि रखें। मां शैलपुत्री की पूजा करें, पीले फूल और हल्दी चढ़ाएं। दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का जाप करें। सात्विक भोजन करें और व्रत रखें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें और ध्यान तथा भक्ति में समय बिताएं.
नवरात्रि में क्या न करें
क्या न करें: मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करें। बाल, नाखून काटना या दाढ़ी बनवाना वर्जित है। झूठ, क्रोध, झगड़ा या नकारात्मक बातें न करें। खरमास और पंचक के कारण कोई नया मांगलिक कार्य शुरू न करें। यह दुर्लभ संयोग 17 साल बाद बन रहा है, लेकिन देवी की पूजा और भक्ति से सभी दोष दूर हो जाते हैं। भक्तों को सलाह दी जाती है कि शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें और पूरे नौ दिन मां दुर्गा की आराधना में लीन रहें। इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी और जीवन में खुशहाली आएगी.
