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चैत्र नवरात्रि 2026: मां कात्यायनी की पूजा से पाएं मनचाहा जीवनसाथी

चैत्र नवरात्रि 2026 के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के इस स्वरूप की आराधना से विवाह संबंधी इच्छाएं पूरी होती हैं। जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, उनके महत्व और शीघ्र विवाह के लिए उपाय। इस लेख में मां कात्यायनी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, जो आपके जीवन में सुखद परिवर्तन ला सकती है।
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चैत्र नवरात्रि 2026: मां कात्यायनी की पूजा से पाएं मनचाहा जीवनसाथी

मां कात्यायनी का विशेष दिन


चैत्र नवरात्रि 2026: इस पर्व का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है। इस दिन मां दुर्गा के इस स्वरूप की विशेष पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां दुर्गा ने महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर उनके आश्रम में पुत्री के रूप में जन्म लिया, इसलिए उन्हें कात्यायनी कहा जाता है।


मां कात्यायनी की विशेषताएं

मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। उन्होंने नवरात्र के दौरान महिषासुर का वध किया, जिसके कारण उन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है। उनकी चार भुजाएं होती हैं, जिनमें वे अस्त्र-शस्त्र और कमल धारण करती हैं, और उनका वाहन सिंह है। ब्रज की कुलदेवी के रूप में, मां कात्यायनी को विवाह संबंधी इच्छाओं को पूरा करने वाली देवी माना जाता है।


मां कात्यायनी की पूजा का महत्व

माता कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से विवाह से जुड़ी इच्छाओं को पूरा करने के लिए की जाती है। मान्यता है कि उनकी कृपा से योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है। ज्योतिष में विवाह के कारक ग्रह बृहस्पति का संबंध भी मां कात्यायनी से जोड़ा जाता है।


तंत्र साधना में इनका संबंध आज्ञा चक्र से बताया गया है। जिन कन्याओं के विवाह में बाधा आ रही है, उनके लिए मां की उपासना फलदायी मानी जाती है। प्रेम विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी आराधना लाभकारी है।


पूजन विधि

मां कात्यायनी की पूजा गोधूलि बेला यानी सूर्यास्त के समय करना शुभ माना जाता है। इस समय साधक को पीले या लाल वस्त्र पहनने चाहिए। पूजा में मां को पीले फूल, पीली मिठाई और पीला नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।


शहद का भोग चढ़ाना लाभकारी माना गया है। सुगंधित फूल अर्पित करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। पूजा के बाद मां के मंत्रों का जप या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ फलदायी होता है।


शीघ्र विवाह के लिए उपाय

जिन कन्याओं का विवाह नहीं हो पा रहा है, वे गोधूलि बेला में पीले वस्त्र पहनकर मां कात्यायनी के समक्ष घी का दीपक जलाएं। इसके बाद पीले फूल अर्पित करें और हल्दी की तीन गांठें चढ़ाएं।


इसके बाद इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें:
"कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि, नंदगोप सुतं देवि पति मे कुरु ते नमः"


पूजा के बाद हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर अपने पास या बेडरूम में रखें। ऐसा करने से विवाह के योग मजबूत होते हैं और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ती है।