दक्षिण भारत के प्रमुख भगवान विष्णु के मंदिरों की जानकारी
इस लेख में हम दक्षिण भारत के प्रमुख भगवान विष्णु के मंदिरों के बारे में जानेंगे। इनमें जगन्नाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी, पद्मनाभस्वामी और गुरुवायुर मंदिर शामिल हैं। हर मंदिर की अपनी विशेषताएँ और चमत्कार हैं, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। इन मंदिरों के दर्शन से न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि ये धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभ फल भी प्रदान करते हैं। जानें इन मंदिरों के बारे में और अपने धार्मिक यात्रा की योजना बनाएं।
| Jan 5, 2026, 11:51 IST
भगवान विष्णु और त्रिदेव
भगवान विष्णु, भगवान शंकर और ब्रह्मा को त्रिदेव के रूप में जाना जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु को जगत का पालनहार माना जाता है। भारत में भगवान विष्णु को समर्पित कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनके दर्शन से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस लेख में, हम दक्षिण भारत में स्थित भगवान विष्णु के कुछ प्रमुख मंदिरों के बारे में चर्चा करेंगे, जिनका दर्शन करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।
जगन्नाथ मंदिर
उड़ीसा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर भगवान विष्णु के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है और यह भगवान श्रीहरि विष्णु के जगन्नाथ रूप को समर्पित है। यहाँ होने वाली वार्षिक रथ यात्रा बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर में कई अद्भुत चमत्कार होते हैं, जैसे कि ध्वज हमेशा हवा की विपरीत दिशा में लहराता है।
मंदिर की छाया कभी नहीं दिखती और यहाँ की रसोई में सात मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाया जाता है, जिसमें सबसे ऊपर रखे बर्तन में सबसे पहले खाना पकता है।
तिरुपति बालाजी
तिरुपति बालाजी मंदिर भगवान विष्णु के प्रमुख मंदिरों में से एक है, जो आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित है। यहाँ भगवान विष्णु की पूजा श्रीवेंकटेश्वर स्वामी के रूप में की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलियुग में भगवान श्रीहरि विष्णु यहीं निवास करते हैं। कहा जाता है कि श्री वेंकटेश्वर की मूर्ति पर लगे बाल असली हैं, जो हमेशा मुलायम रहते हैं।
पद्मनाभस्वामी मंदिर
पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान पद्मनाभस्वामी को समर्पित है, जो भगवान श्रीहरि विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित है और यहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान पद्मनाभस्वामी के दर्शन के लिए आते हैं। इसे दुनिया का सबसे धनी मंदिर माना जाता है।
गुरुवायुर मंदिर
गुरुवायुर मंदिर केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है और इसे दक्षिण की द्वारका के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप गुरुवायुरप्पन को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण देवगुरु बृहस्पति द्वारा किया गया था। यहाँ सूर्यदेव की किरणें सबसे पहले भगवान गुरुवायुर के चरणों पर गिरती हैं।
