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नौतपा 2023: भीषण गर्मी और स्वास्थ्य पर प्रभाव

नौतपा 2023, जो 25 मई से 2 जून तक चलेगा, इस वर्ष भीषण गर्मी का संकेत दे रहा है। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, इस दौरान तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस समय के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए और पौधारोपण तथा जल दान का महत्व क्या है।
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नौतपा 2023: भीषण गर्मी और स्वास्थ्य पर प्रभाव

नौतपा की शुरुआत

इस वर्ष नौतपा 25 मई से 2 जून तक चलेगा। इस अवधि के दौरान अत्यधिक गर्मी की संभावना है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, कई क्षेत्रों में तेज गर्म हवाएं और असहनीय तापमान देखने को मिल सकते हैं। जयपुर जोधपुर के पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक, ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य 25 मई को 15:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 8 जून तक वहां रहेंगे। इस दौरान नौतपा का प्रभाव रहेगा, जो सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होगा।


गर्मी का कहर

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने कहा कि 25 मई से 2 जून तक नौतपा का प्रभाव रहेगा। यह समय वर्ष के सबसे गर्म दिनों में से एक माना जाता है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब तापमान तेजी से बढ़ता है। इस दौरान सूर्य की किरणें अधिक तीव्रता से धरती पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी और लू का सामना करना पड़ता है।


तापमान में वृद्धि

45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा के दौरान तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय कई शहरों में लू का प्रभाव भी अधिक खतरनाक हो सकता है।


स्वास्थ्य पर प्रभाव

लोगों की सेहत पर पड़ेगा असर

गर्मी का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।


नौतपा का महत्व

नौतपा कब होगा शुरू

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नौतपा तब शुरू होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। इस बार सूर्य 25 मई को 15:37 बजे रोहिणी में प्रवेश करेगा और 8 जून तक वहीं रहेगा।


पौधारोपण और जल का दान

पौधारोपण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौतपा के दौरान पौधे लगाना विशेष फलदायी होता है। यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि पुण्य का कार्य भी माना जाता है।

जल का दान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान प्यासे लोगों को ठंडा जल पिलाना और मटका दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।


पौराणिक महत्व

पौराणिक महत्व

नौतपा का ज्योतिष और पौराणिक महत्व है। इसे सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में वर्णित किया गया है।


मानसून का गर्भकाल

मानसून का गर्भकाल

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण यह मानसून का गर्भ आ जाता है।


परंपरा और सावधानियाँ

क्या करें और क्या न करें

नौतपा के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहों की स्थिति के अनुसार प्राकृतिक आपदाएं उत्पन्न हो सकती हैं।


सूर्य की आराधना

सूर्य की आराधना

रोहिणी नक्षत्र के दौरान सूर्य की आराधना करना विशेष फलदायी होता है।