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पौष पूर्णिमा 2026: तिथि, महत्व और ग्रह उपाय

पौष पूर्णिमा 2026 का महत्व और तिथि जानें। यह दिन आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का प्रतीक है। जानें चंद्रमा का उदय समय और ग्रह उपाय जो इस दिन किए जा सकते हैं। इस विशेष दिन को मनाने के लिए उपवास और दान के महत्व को समझें।
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पौष पूर्णिमा 2026: तिथि, महत्व और ग्रह उपाय

पौष पूर्णिमा का महत्व


नई दिल्ली: पौष पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष महीने में आने वाली पूर्णिमा का दिन है। इसे एक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक समय माना जाता है, विशेषकर नए साल की शुरुआत में। इस दिन, लोग अपनी गति को धीमा करने, विचारों को स्पष्ट करने और प्रकृति से पुनः जुड़ने के लिए प्रेरित होते हैं। कई भक्त उपवास रखते हैं, पवित्र स्नान करते हैं और जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए दान करते हैं।


आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, पौष पूर्णिमा स्पष्टता, आंतरिक संतुलन और नकारात्मकता को छोड़ने का प्रतीक है। यह तात्कालिक सफलता की खोज नहीं है, बल्कि अपने मार्ग को सुधारने के लिए छोटे और सार्थक प्रयास करने का समय है। माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन जागरूकता बढ़ती है, जिससे यह प्रार्थना, दान और आत्म-चिंतन के लिए उपयुक्त बनता है।


पौष पूर्णिमा की तिथि

पौष पूर्णिमा की तिथि को लेकर कई लोग भ्रमित हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह तिथि 2 जनवरी 2026 को शाम 6:53 बजे शुरू होगी और 3 जनवरी 2026 को दोपहर 3:32 बजे समाप्त होगी। हालांकि, उपवास और अनुष्ठान सूर्योदय के समय के अनुसार किए जाते हैं, इसलिए पौष पूर्णिमा शनिवार, 3 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।


चंद्रमा का उदय समय

इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 5:28 बजे होगा, जिसे शुभ समय माना जाता है। भक्त चंद्रमा के उदय के समय या उसके बाद प्रार्थना, दान और पूर्णिमा के अनुष्ठान करना पसंद करते हैं। हालांकि स्नान और दान दोनों दिन किए जा सकते हैं, 3 जनवरी को मुख्य उपवास और पूजा का दिन माना जाता है।


पौष पूर्णिमा पर ग्रह उपाय


  1. सूर्य के लिए: आत्मविश्वास और करियर में स्थिरता के लिए गेहूं, गुड़, तांबे की वस्तुएं या पका हुआ भोजन दान करें।

  2. चंद्रमा के लिए: दूध, चावल, सफेद कपड़े या चांदी दान करें। भगवान शिव की पूजा से मानसिक शांति मिलती है।

  3. मंगल के लिए: गुड़, चना दाल या लाल कपड़े दान करें और क्रोध को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।

  4. बृहस्पति के लिए: ज्ञान और अच्छे फैसलों के लिए पीली सरसों के बीज या केसर दान करें।

  5. बुध के लिए: सीखने और संचार के लिए हरी सब्जियां या हरी दाल दान करें।

  6. शुक्र के लिए: सद्भाव और आराम के लिए दही, चीनी, परफ्यूम या सफेद कपड़े दान करें।

  7. शनि के लिए: धैर्य और स्थिरता पाने के लिए काले तिल या लोहे की चीजें दान करें।

  8. राहु-केतु के लिए: सुरक्षा और स्पष्टता के लिए उड़द की दाल, सरसों का तेल दान करें या जरूरतमंदों को खाना खिलाएं।