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फाल्गुन में होलाष्टक: शुभ कार्यों की तैयारी और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव

फाल्गुन का महीना त्योहारों से भरा होता है, खासकर होली का पर्व। इस दौरान होलाष्टक का समय महत्वपूर्ण है, जब नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। इस लेख में जानें कि कैसे आप होलाष्टक से पहले आवश्यक कार्यों को पूरा कर सकते हैं, जैसे घर के निर्माण, मांगलिक कार्य और टूटी-फूटी चीजों को बाहर निकालना। इन उपायों से आप अपने घर में सकारात्मकता बनाए रख सकते हैं।
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फाल्गुन में होलाष्टक: शुभ कार्यों की तैयारी और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव

फाल्गुन का महीना और होली का महत्व

फाल्गुन का महीना त्योहारों के लिहाज से विशेष महत्व रखता है। इस दौरान रंगों का पर्व होली धूमधाम से मनाया जाता है। होली से पहले का समय, जिसे होलाष्टक कहा जाता है, को खास माना जाता है। हिंदू धर्म में इस अवधि के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए परिवार के सदस्य घर से बाहर जाने से पहले कई सावधानियां बरतते हैं। होलाष्टक होली से ठीक आठ दिन पहले शुरू होता है, और इस साल 2026 में इसकी शुरुआत 24 फरवरी को होगी। वास्तु शास्त्र के अनुसार, होलाष्टक से पहले कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करना आवश्यक है, वरना घर में वास्तु दोष बढ़ सकता है।


घर के निर्माण का कार्य

यदि आप नया घर बनवा रहे हैं, तो रिनोवेशन और पेंटिंग का कार्य होलाष्टक से पहले ही करवा लें। ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि होलाष्टक के बाद घर से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता। इस दौरान घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जो न केवल वास्तु पर बल्कि आपके जीवन पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।


मांगलिक कार्यों को समय पर करें

यदि आप घर में वास्तु संबंधी समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो सभी मांगलिक और शुभ कार्य होलाष्टक शुरू होने से पहले संपन्न कर लें। मान्यता है कि इस समय विवाह, मुंडन, नामकरण और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। इन दिनों ऐसे कार्य करने से घर में नकारात्मक प्रभाव या वास्तु दोष उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए, यदि संभव हो, तो इन कार्यों को होलाष्टक से पहले ही पूरा कर लेना चाहिए।


टूटी-फूटी चीजों को घर से निकालें

घर में अक्सर ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें हम दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते। ऐसी चीजों को होलाष्टक से पहले घर से बाहर निकाल दें। इससे आपके घर में वास्तु दोष नहीं लगेगा और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी कम होगा।