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बड़े मंगल का महत्व: जानें हनुमान जी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

12 मई को मनाए जाने वाले बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा की जाती है, जो जीवन के कष्टों को दूर करने में सहायक मानी जाती है। जानें इस दिन की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय दृष्टिकोण। क्या आप जानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की आराधना से मंगल दोष भी शांत हो सकता है? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
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बड़े मंगल का महत्व: जानें हनुमान जी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व


12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जाएगा, जिसे बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।


ज्येष्ठ माह के मंगलवार का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह का यह मंगलवार कई पौराणिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान राम और हनुमान जी का पहला मिलन हुआ था, जिसने रामायण की कथा में महत्वपूर्ण मोड़ दिया। इसके अतिरिक्त, यह भी माना जाता है कि इसी दिन हनुमान जी ने महाभारत काल में भीम के अहंकार को समाप्त किया था। इसलिए, इस दिन को अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।


बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त

दूसरे बड़े मंगल के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 से 4:50 बजे तक रहेगा, जो स्नान और पूजा की तैयारी के लिए शुभ माना जाता है। इसके बाद सुबह 9:07 से दोपहर 12:23 बजे तक पूजा का उत्तम समय रहेगा। शाम की आराधना के लिए 7:03 से रात 8:06 बजे तक का समय भी शुभ बताया गया है।


पूजा विधि की जानकारी

इस दिन की पूजा विधि भी विशेष होती है। भक्तों को प्रातः जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ, विशेष रूप से लाल वस्त्र पहनने चाहिए। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाया जाता है। फिर दीपक, धूप और अगरबत्ती जलाकर विधिवत पूजा की जाती है। प्रसाद के रूप में बूंदी के लड्डू, गुड़-चना, रोटी या फल अर्पित किए जाते हैं। पूजा के बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष के अनुसार, जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए बड़ा मंगल विशेष फलदायी हो सकता है। इस दिन हनुमान जी को लाल फूल अर्पित कर "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करने से मंगल दोष शांत होने और विवाह या जीवन की अन्य बाधाएं दूर होने की मान्यता है।