मंगलवार का महत्व: हनुमानजी की पूजा और आज का पंचांग
मंगलवार का विशेष महत्व
आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के बाद षष्ठी का शुभ संयोग बन रहा है। मंगलवार का दिन रामभक्त हनुमानजी और ग्रहों के सेनापति मंगलदेव को समर्पित है। हिंदू धर्म में मंगलवार को हनुमानजी की सच्चे श्रद्धा से पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। आज शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती भी मनाई जा रही है, जिन्होंने ज्ञान और भक्ति की परंपरा को मजबूत किया। ज्योतिष के अनुसार, मंगलवार व्रत रखने वालों को विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है।
हनुमानजी की पूजा से मंगल दोष का निवारण
ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जो ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक माना जाता है। जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर या अशुभ है, उन्हें मंगलवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। हनुमानजी की उपासना मंगल दोष को शांत करने में मदद करती है। मंगलवार को सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाएं। अंत में आरती उतारकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। नियमित पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बाधाएं दूर होती हैं।
आज का पंचांग (21 अप्रैल 2026)
- आज की तिथि- पंचमी तिथि – 01:19 ए एम, 22 अप्रैल तक, फिर षष्ठी तिथि
- आज का नक्षत्र- मृगशिरा नक्षत्र – 11:58 पी एम तक, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र
- आज का करण- बव – 02:44 पी एम तक, बालव – 01:19 ए एम, 22 अप्रैल तक
- आज का योग- शोभन – 12:31 पी एम तक, अतिगण्ड योग
- आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
- आज का दिन- मंगलवार
- चंद्र राशि- वृषभ उपरांत मिथुन राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
- सूर्योदय- 05:50 ए एम
- सूर्यास्त- 06:50 पी एम
- चन्द्रोदय- 08:44 ए एम
- चन्द्रास्त- 11:27 पी एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:22 ए एम से 05:06 ए एम
- अभिजीत मुहूर्त: 11:54 ए एम से 12:46 पी एम
- विजय मुहूर्त: 02:30 पी एम से 03:22 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त: 06:49 पी एम से 07:11 पी एम
- अमृत काल: 03:58 पी एम से 05:25 पी एम
- निशिता मुहूर्त: 11:58 पी एम से 12:41 ए एम, 22 अप्रैल
- रवि योग: 11:58 पी एम से 05:49 ए एम, 22 अप्रैल
धार्मिक मान्यता
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.
