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मकर संक्रांति 2026: शुभता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण नियम

मकर संक्रांति 2026 एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो सूर्य की चाल में बदलाव का प्रतीक है। इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है, जैसे दक्षिण दिशा में यात्रा से बचना, काले तिल का दान न करना, और तामसिक भोजन से दूर रहना। यह नियम न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाने में भी सहायक होते हैं। जानें और अपनाएं ये नियम, ताकि आप इस पवित्र दिन का सही लाभ उठा सकें।
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मकर संक्रांति 2026: शुभता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण नियम

मकर संक्रांति का महत्व


नई दिल्ली: मकर संक्रांति, हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो सूर्य की गति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत देती है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिससे उत्तरायण का शुभ समय प्रारंभ होता है। यह दिन आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और वास्तु के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।


मकर संक्रांति पर पालन करने योग्य नियम

इस दिन की गई छोटी-सी गलती भी पूरे वर्ष पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए, सकारात्मकता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। यहाँ मकर संक्रांति 2026 के लिए पांच महत्वपूर्ण नियम दिए गए हैं।


दक्षिण दिशा में यात्रा से बचें

मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है। चूंकि सूर्य उत्तरायण में होता है, दक्षिण की ओर जाना सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा के विपरीत होता है। ऐसी यात्रा से कार्य में बाधाएं, आर्थिक हानि या अप्रत्याशित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो सूर्य को जल चढ़ाएं और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। वास्तु के अनुसार, इस दिन उत्तर या पूर्व दिशा में यात्रा करना अधिक लाभकारी होता है।


काले तिल का दान न करें

संक्रांति पर तिल का महत्व है, लेकिन काले तिल शनि से जुड़े होते हैं, जबकि इस दिन सूर्य का प्रभाव होता है। काले तिल का दान करने से सूर्य और शनि के बीच असंतुलन उत्पन्न हो सकता है, जिससे धन और समृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसके बजाय, सफेद तिल, गुड़, चीनी या खिचड़ी का दान करें, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।


तामसिक भोजन से बचें

मकर संक्रांति पर शरीर और मन को शुद्ध रखना आवश्यक है। मांस, शराब, लहसुन, प्याज या भारी भोजन से बचें। सूर्य सात्विक ऊर्जा का प्रतीक है और तामसिक भोजन इसे कमजोर करता है। शुद्ध और हल्का भोजन करने से स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता में वृद्धि होती है।


क्रोध और झूठ से दूर रहें

इस पवित्र दिन पर अच्छा व्यवहार आवश्यक है। झूठ बोलने, गुस्सा करने या नकारात्मक भावनाओं से बचें। सूर्य सच्चाई, अनुशासन और प्रकाश का प्रतीक है। प्रेमपूर्वक बोलें, शांत रहें, और पूरे वर्ष सूर्य का आशीर्वाद पाने के लिए 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जाप करें।


दान और अनुष्ठानों में सावधानी बरतें

मकर संक्रांति पर दान करना बहुत लाभकारी होता है, लेकिन सही वस्तुओं का चयन करें। काले कपड़े या काले तिल देने से बचें। इसके बजाय, सफेद कपड़े, गुड़, तिल के लड्डू या खिचड़ी का दान करें। सूर्य को जल चढ़ाते समय लाल चंदन, लाल फूल और गुड़ का उपयोग करें। सही अनुष्ठान और दान से खुशी, समृद्धि आती है और धन की रक्षा होती है।