Newzfatafatlogo

रमजान 2026: चौथे रोजे का महत्व और सहरी-इफ्तार का समय

रमजान 2026 का महीना 19 फरवरी से शुरू हुआ है, जिसमें मुसलमान रोजे रखकर अल्लाह की भक्ति कर रहे हैं। चौथे रोजे का विशेष महत्व है, जो रोजेदारों को बुराइयों से बचाता है। सहरी और इफ्तार का सही समय जानना आवश्यक है, ताकि रोजा सही तरीके से रखा जा सके। इस लेख में विभिन्न शहरों के इफ्तार समय और रमजान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई है।
 | 
रमजान 2026: चौथे रोजे का महत्व और सहरी-इफ्तार का समय

रमजान का आगाज़


नई दिल्ली: रमजान का पाक महीना 2026 में 19 फरवरी, गुरुवार से शुरू हो चुका है। देशभर के मुसलमान इस अवसर पर रोजे रखकर अल्लाह के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त कर रहे हैं। आज, 22 फरवरी को चौथा रोजा है, जो रोजेदारों के लिए एक विशेष अवसर है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखना हर मुसलमान पर अनिवार्य है। सहरी और इफ्तार का सही समय जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी देरी भी रोजे को प्रभावित कर सकती है। विभिन्न शहरों में सूरज के उगने और ढलने के समय में भिन्नता होती है, इसलिए स्थानीय समय का ध्यान रखना आवश्यक है।


चौथे रोजे का महत्व

इस्लाम में चौथे रोजे को नेकी का प्रतीक माना जाता है। यह रोजेदार को बुराइयों से बचाने का कार्य करता है, बशर्ते रोजा शरई नियमों के अनुसार रखा जाए। पवित्र कुरान की सूरह अल-मुरसिलात में संयमी लोगों के लिए छांव और पसंदीदा फलों का उल्लेख किया गया है। इसलिए सहरी में पौष्टिक आहार और इफ्तार में खजूर व पानी से शुरुआत करने की सलाह दी जाती है। यह रोजा आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाता है और गुनाहों से बचाता है।


सहरी और इफ्तार का समय

सहरी का समय फज्र की अजान से पहले समाप्त होना चाहिए, जबकि इफ्तार सूर्यास्त के साथ किया जाता है। समय में थोड़ी भिन्नता रोजे की वैधता के लिए आवश्यक है। अधिकांश शहरों में सहरी सुबह 5 से 6 बजे के बीच और इफ्तार शाम 6 बजे के आसपास होता है। रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि वे मस्जिद या विश्वसनीय ऐप से सटीक समय लें। इससे न केवल रोजा सही रहता है, बल्कि इबादत में भी एकाग्रता बनी रहती है।


शहरों के इफ्तार समय


  • दिल्ली (Delhi)-06:17 PM

  • नोएडा (Noida)-06:17 PM

  • चेन्नई (Chennai)-06:17 PM

  • लखनऊ (Lucknow)-06:43 PM

  • पुणे (Pune)-06:39 PM

  • मुंबई (Mumbai)-06:43 PM

  • कोलकाता (Kolkata)-05:38 PM

  • हैदराबाद (Hyderabad)-06:21 PM

  • पटना (Patna)-05:47 PM

  • भुवनेश्वर (Bhuvneshwar)-05:50 PM

  • जयपुर (Jaipur)-06:24 PM

  • इंदौर (Indore)-06:28 PM

  • बेंगलुरु (Bengaluru)-06:28 PM

  • अहमदाबाद (Ahmadabad)-06:40 PM

  • सूरत (Surat)-06:41 PM

  • रांची (Ranchi)-05:49 PM

  • कानपुर (Kanpur)-06:07 PM


रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमान 30 दिनों तक सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। यह आत्म-संयम, इबादत और दान का समय है। सुबह का भोजन सहरी और शाम का उपवास तोड़ने को इफ्तार कहा जाता है।


रमजान की शुरुआत

रमजान की शुरुआत इस्लाम में एक महत्वपूर्ण घटना से हुई। इस महीने में पवित्र कुरान का पहला संदेश पैगंबर मुहम्मद पर उतरा। यह घटना 610 ईस्वी में हुई, जब पैगंबर साहब मक्का के पास गुफा-ए-हिरा में इबादत कर रहे थे। रमजान वह महीना है जिसमें कुरान नाजिल किया गया, जो लोगों के लिए मार्गदर्शन है।