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CNG किट इंस्टॉलेशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

देश में बढ़ती ईंधन की कीमतों के बीच, CNG किट इंस्टॉलेशन एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है। यह न केवल पेट्रोल से सस्ता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। इस लेख में, हम CNG किट लगाने की प्रक्रिया, आवश्यक सावधानियाँ और खर्च के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं। जानें कि आपकी कार के लिए CNG किट लगवाना सही है या नहीं, और इसके फायदे क्या हैं।
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CNG किट इंस्टॉलेशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

CNG किट इंस्टॉलेशन की आवश्यकता

नई दिल्ली: देश में ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण ईंधन की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं। LPG सिलेंडरों की लंबी कतारें देखकर लोग पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में अपनी पुरानी या नई पेट्रोल कार को CNG में बदलना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। CNG न केवल पेट्रोल से सस्ती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है और माइलेज में 20-30% तक की वृद्धि कर सकती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में सावधानी बरतना आवश्यक है ताकि सुरक्षा और कार की प्रदर्शन क्षमता बनी रहे।


CNG किट लगवाने से पहले की आवश्यकताएँ

अपनी कार को CNG के लिए तैयार करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि इंजन इसके लिए उपयुक्त है या नहीं। अधिकांश BS6 या उससे पहले के MPFI इंजन अच्छे से काम करते हैं, लेकिन पुरानी कारों या टर्बो मॉडल में समस्या आ सकती है। हमेशा ARAI प्रमाणित और अधिकृत डीलर से किट खरीदें। सभी पार्ट्स नए होने चाहिए। CNG सिलेंडर की मजबूती के लिए हाइड्रो टेस्ट करवाना अनिवार्य है, ताकि लीकेज का खतरा न हो। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और कार लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।


CNG किट लगाने की प्रक्रिया

यह कार्य केवल विशेषज्ञों और अधिकृत वर्कशॉप में ही करवाना चाहिए। सबसे पहले कार को लिफ्ट पर चढ़ाकर बैटरी डिस्कनेक्ट करें। फिर PESO प्रमाणित CNG सिलेंडर को बूट में मजबूती से स्थापित करें। हाई-प्रेशर पाइप के माध्यम से सिलेंडर को रेगुलेटर से जोड़ें। एयर-गैस मिक्सर, प्रेशर रेगुलेटर, सिलेक्टर स्विच और इम्यूलेटर जैसे पार्ट्स को इंजन बे में सही स्थान पर लगाएं। इंस्टॉलेशन के बाद लीकेज टेस्ट करना आवश्यक है। अंत में, इंजन को पहले पेट्रोल पर स्टार्ट करें, फिर CNG मोड में स्विच करें। पूरी जांच के बाद ही गाड़ी चलाएं।


CNG किट के प्रकार

मुख्यतः दो प्रकार की CNG किट उपलब्ध हैं। फैक्ट्री-फिटेड किट कार निर्माता द्वारा बनाई जाती है, जो इंजन के साथ पूरी तरह से समन्वयित होती है। यह अधिक सुरक्षित, बेहतर प्रदर्शन वाली होती है और वारंटी को प्रभावित नहीं करती, लेकिन इसकी कीमत अधिक होती है। दूसरी प्रकार की रेट्रोफिटेड किट होती है, जो बाहर से लगाई जाती है। यह यूनिवर्सल होती है, सस्ती होती है और किसी भी पेट्रोल कार में लगाई जा सकती है, लेकिन इससे वारंटी समाप्त हो जाती है और सुरक्षा थोड़ी कम होती है। अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सही विकल्प चुनें।


सावधानियाँ और खर्च

पुरानी कारों में CNG किट लगाने से इंजन को नुकसान हो सकता है, इसलिए 10 साल से अधिक पुरानी गाड़ियों से बचें। RTO से अनिवार्य मंजूरी प्राप्त करें और RC में फ्यूल टाइप को अपडेट करवाएं। प्रारंभिक खर्च 40,000 से 70,000 रुपये तक हो सकता है, लेकिन सालभर में पेट्रोल की बचत से यह खर्च वसूल हो जाता है। CNG गाड़ी की नियमित सर्विसिंग आवश्यक है। लंबी यात्रा पर CNG स्टेशन की लोकेशन पहले से चेक करें। यदि सही तरीके से किया जाए, तो यह विकल्प वास्तव में लाभकारी साबित होता है।