इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी लाइफ बढ़ाने के सरल उपाय
बैटरी की महत्ता और खर्च
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण और महंगी होती है, जिसकी क्षमता समय के साथ घटने लगती है। भारत में वारंटी खत्म होने पर बैटरी बदलवाने का खर्च 5 से 8 लाख रुपये तक हो सकता है। इसलिए, कुछ सरल चार्जिंग टिप्स अपनाकर लोग अपनी कार की बैटरी लाइफ और पैसे दोनों की बचत कर सकते हैं.
इलेक्ट्रिक कारों का बढ़ता चलन
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। एक नई ईवी की बैटरी आमतौर पर 5 से 8 साल या लगभग 1.5 से 2 लाख किलोमीटर तक बिना किसी समस्या के कार्य करती है.
बैटरी खराब होने के संकेत
यदि आपकी इलेक्ट्रिक कार पहले 300 किलोमीटर चलती थी और अब यह केवल 200 किलोमीटर चलती है, तो यह बैटरी के कमजोर होने का संकेत है। इसके अलावा, बार-बार चार्जिंग की आवश्यकता या चार्जिंग में अधिक समय लगना भी खराब बैटरी सेल्स का संकेत है. गाड़ी के पिकअप में अचानक गिरावट और डैशबोर्ड पर बैटरी वॉर्निंग लाइट का जलना यह दर्शाता है कि बैटरी को तुरंत बदलने की आवश्यकता है.
बैटरी रिप्लेसमेंट का आर्थिक बोझ
भारत में इलेक्ट्रिक कार खरीदना आसान है, लेकिन वारंटी खत्म होने के बाद बैटरी बदलवाना आम आदमी के लिए महंगा साबित होता है। अधिकांश कंपनियां बैटरी पर 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर की वारंटी देती हैं। वारंटी अवधि के बाद, बैटरी खराब होने पर ग्राहकों को 5 से 8.5 लाख रुपये तक का खर्च उठाना पड़ता है, जिससे पुरानी इलेक्ट्रिक कारों की रीसेल वैल्यू तेजी से गिर जाती है.
बैटरी लाइफ बढ़ाने के उपाय
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसे कभी भी 0 प्रतिशत तक डिस्चार्ज न होने दें। इसके अलावा, इसे रोजाना 100 प्रतिशत तक चार्ज करने से भी बचें। विशेषज्ञों के अनुसार, 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्जिंग लेवल बनाए रखने से बैटरी की उम्र बढ़ती है.
फास्ट चार्जिंग का लगातार उपयोग बैटरी को गर्म कर सकता है, इसलिए जब भी संभव हो, घर पर स्लो एसी चार्जर का उपयोग करें। अपनी गाड़ी को धूप में पार्क करने से बचें और समय-समय पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर वोल्टेज और चार्जिंग स्टेटस की जांच कराते रहें.
