ईंधन संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री मोदी का सुझाव: कार चलाने के स्मार्ट तरीके
ईंधन की बचत के लिए प्रधानमंत्री का आह्वान
चंडीगढ़, 12 मई। देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन संरक्षण के उपायों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि लोग जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो और बसों का उपयोग करें, साथ ही कारपूलिंग और 'वर्क फ्रॉम होम' के विकल्पों को भी अपनाएं। सरकार का मानना है कि व्यक्तिगत स्तर पर ईंधन की बचत करने से देश के आयात बिल और आर्थिक बोझ में महत्वपूर्ण कमी आ सकती है।
बिना अतिरिक्त खर्च के बढ़ाएं माइलेज
विशेषज्ञों का कहना है कि कार के माइलेज को बढ़ाने के लिए महंगे गैजेट्स की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सही ड्राइविंग तकनीक अपनाने की जरूरत है। स्मूद ड्राइविंग इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण है। जब आप अचानक एक्सीलेटर दबाते हैं या तेज गति में बार-बार ब्रेक लगाते हैं, तो इंजन को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। हाईवे पर स्थिर गति बनाए रखने से न केवल इंजन सुरक्षित रहता है, बल्कि ईंधन दक्षता भी काफी बढ़ जाती है।
इंजन और टायरों की देखभाल
अक्सर देखा जाता है कि लोग ट्रैफिक सिग्नल या पार्किंग में लंबे समय तक इंजन चालू रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको 30 सेकंड से अधिक रुकना है, तो इंजन बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा, गाड़ी की नियमित देखभाल जैसे गंदे एयर फिल्टर को बदलना और सही इंजन ऑयल का उपयोग करना भी माइलेज में सुधार लाने में सहायक होता है। टायरों में हवा का प्रेशर कम होने से घर्षण बढ़ता है, जिससे इंजन को गाड़ी खींचने के लिए अधिक शक्ति लगानी पड़ती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है।
ओवरलोडिंग से बचें और यात्रा की योजना बनाएं
गाड़ी में अनावश्यक भारी सामान रखना भी माइलेज को प्रभावित करता है। जितना अधिक वजन होगा, इंजन उतना ही अधिक ईंधन का उपयोग करेगा। इसके साथ ही, अपनी यात्रा की योजना इस तरह बनाएं कि एक ही यात्रा में कई कार्य पूरे हो सकें। ट्रैफिक वाले रास्तों से बचकर और शॉर्टकट के बजाय स्मूद रास्तों का चयन करके आप काफी पेट्रोल बचा सकते हैं। सरकार अब भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है ताकि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके।
