Newzfatafatlogo

कार के इंजन ऑयल को बदलने का सही समय और तरीका

इस लेख में हम जानेंगे कि कार के इंजन ऑयल को कब और कैसे बदलना चाहिए। सही समय पर ऑयल बदलने से न केवल इंजन की उम्र बढ़ती है, बल्कि यह कार के प्रदर्शन को भी बेहतर बनाता है। हम यह भी देखेंगे कि किन परिस्थितियों में ऑयल जल्दी खराब होता है और इसके खराब होने के संकेत क्या हैं। इसके अलावा, सही ऑयल का चयन कैसे करें, इस पर भी चर्चा करेंगे।
 | 
कार के इंजन ऑयल को बदलने का सही समय और तरीका

इंजन ऑयल बदलने का सही समय जानें

इंजन का प्रदर्शन लंबे समय तक सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए इंजन ऑयल बदलने का सही समय जानना आवश्यक है। अक्सर यह सवाल उठता है कि कार को कितने किलोमीटर चलाने के बाद ऑयल बदलना चाहिए, कौन सा ऑयल सबसे अच्छा है, और इसमें देरी करने से क्या नुकसान हो सकता है। यह लेख इन सभी सवालों के स्पष्ट और विश्वसनीय उत्तर प्रदान करता है।


इंजन ऑयल समय पर बदलने का महत्व

इंजन ऑयल का कार्य केवल लुब्रिकेशन तक सीमित नहीं है। यह इंजन के भीतर घर्षण को कम करता है, तापमान को नियंत्रित रखता है और गंदगी को जमा होने से रोकता है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरों के अनुसार, यदि समय पर ऑयल नहीं बदला गया, तो इंजन के हिस्से तेजी से घिसने लगते हैं, जिससे मरम्मत का खर्च कई गुना बढ़ सकता है।


कितने किलोमीटर बाद ऑयल बदलें

फ्यूल के प्रकार और ऑयल की गुणवत्ता के अनुसार ऑयल बदलने का अंतराल भिन्न होता है।


पेट्रोल कार


अधिकतर पेट्रोल कारों में ऑयल बदलने की सलाह 5,000 से 10,000 किलोमीटर के बीच दी जाती है।


डीजल कार


डीजल इंजन अधिक दबाव में कार्य करता है, इसलिए यहां ऑयल बदलने का अंतराल आमतौर पर 7,000 से 10,000 किलोमीटर होता है।


फुली सिंथेटिक ऑयल


आधुनिक कारों में उपयोग होने वाला फुली सिंथेटिक इंजन ऑयल बेहतर तापमान सहन कर सकता है और कई मामलों में 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक प्रभावी रहता है।


ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि सही अंतराल कार के मॉडल, इंजन डिजाइन और ड्राइविंग की स्थिति पर निर्भर करता है।


कब ऑयल जल्दी खराब होता है

कुछ ड्राइविंग स्थितियाँ इंजन ऑयल की उम्र को कम कर देती हैं।


• धूल भरे इलाके
• भारी ट्रैफिक में रोजाना ड्राइव
• छोटे सफर और बार-बार स्टार्ट-स्टॉप
• अत्यधिक गर्म या ठंडा मौसम


इन परिस्थितियों में, कंपनी द्वारा बताए गए किलोमीटर से पहले ऑयल बदलना सुरक्षित माना जाता है।


इंजन ऑयल खराब होने के संकेत

कार खुद संकेत देती है कि ऑयल बदलने का समय आ गया है।


• इंजन से असामान्य आवाज
• माइलेज में गिरावट
• इंजन का अधिक गर्म होना
• डैशबोर्ड पर ऑयल वार्निंग लाइट


इन संकेतों को नजरअंदाज करना इंजन के लिए जोखिम भरा हो सकता है।


सही इंजन ऑयल कैसे चुनें

हमेशा वाहन निर्माता द्वारा सुझाया गया ग्रेड और टाइप ही इस्तेमाल करें। इसमें मिनरल, सेमी सिंथेटिक और फुली सिंथेटिक विकल्प शामिल होते हैं।


गलत ऑयल का उपयोग
• इंजन प्रदर्शन को घटा सकता है
• फ्यूल एफिशिएंसी को कम कर सकता है
• कार की वारंटी पर असर डाल सकता है


ऑटोमोबाइल उद्योग के विशेषज्ञ मानते हैं कि सही ऑयल का चयन करना इंजन की उम्र बढ़ाने का सबसे सरल तरीका है।


आगे क्या करें

यदि आपकी कार ने निर्धारित किलोमीटर पूरे कर लिए हैं या ऊपर बताए गए संकेत दिख रहे हैं, तो सर्विस सेंटर पर ऑयल चेक कराना समझदारी है। समय पर लिया गया यह छोटा निर्णय भविष्य में बड़े खर्च से बचा सकता है।