कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक, अभिजीत दीपके की चिंता बढ़ी
अभिजीत दीपके का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक
मुंबई - महाराष्ट्र के निवासी और वर्तमान में बोस्टन में रहने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि उनका व्यक्तिगत इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा कि कई प्रयासों के बावजूद वह अपने अकाउंट को पुनः प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। दीपके ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी का बैकअप इंस्टाग्राम अकाउंट कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से सक्रिय कर दिया गया।
अभिजीत दीपके ने यह भी व्यक्त किया कि उन पर दबाव डालने या किसी प्रकार की कार्रवाई की कोशिश की जा सकती है। हाल के दिनों में 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही है, विशेषकर सीजेआई सूर्यकांत की युवाओं को लेकर की गई 'कॉकरोच' टिप्पणी के बाद, जिसके चलते पार्टी का नाम इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ने लगे।
सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता
जानकारी के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' का एक्स हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन इसे अन्य देशों में देखा जा सकता है। वहीं, इंस्टाग्राम पर पार्टी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसके फॉलोअर्स की संख्या 2 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जबकि इसके पोस्ट की संख्या बहुत कम है। यह व्यंग्यात्मक अभियान सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का समर्थन
केरल में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और माकपा के कई युवा नेताओं ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थन में बयान दिए हैं। कांग्रेस विधायक अबिन वर्की, आईयूएमएल नेताओं पी. के. नवास और टी. पी. अशरफअली, तथा माकपा नेता वी. के. सनोज ने इस अभियान को युवाओं की आवाज बताया है। छात्र संगठन एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष एम. शिवप्रसाद ने भी इसका समर्थन किया है।
एक टीवी चैनल से बातचीत में युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अबिन वर्की ने कहा कि केंद्र सरकार से सवाल पूछने वाले आंदोलनों का समर्थन करना लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सीजेपी द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे युवाओं और बेरोजगारी से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल हैं।
आईयूएमएल विधायक पी. के. नवास ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के बीच बढ़ते इस अभियान से असहज है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह अभियान बेरोजगारी, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर युवाओं की नाराजगी को उजागर कर रहा है।
