गर्मी में वाहन की देखभाल के लिए आवश्यक सुझाव
गर्मी में वाहन की देखभाल
चंडीगढ़, 16 मई। उत्तर भारत में मई और जून के दौरान सूरज की गर्मी अपने चरम पर होती है। इस मौसम में जब तापमान बढ़ता है, तो वाहनों की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। जब कार धूप में खड़ी होती है, तो उसके अंदर का तापमान बाहर की तुलना में तेजी से बढ़ जाता है, जिससे डैशबोर्ड और अन्य प्लास्टिक भागों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी से इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की उम्र बढ़ाने और सफर को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना चाहिए।
टायरों में नाइट्रोजन का उपयोग और कूलेंट की देखभाल
गर्मी के मौसम में टायर फटने की घटनाएं आम होती हैं। गर्मी के कारण हवा का दबाव बढ़ता है, जिससे टायरों में अधिक प्रेशर हो जाता है। इस समस्या से बचने के लिए, गर्मियों में टायरों में 2-3 पाउंड (PSI) कम हवा रखनी चाहिए और सामान्य हवा के बजाय नाइट्रोजन का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, इंजन के कूलेंट स्तर की नियमित जांच करें, लेकिन ध्यान रखें कि गर्म इंजन में सीधे पानी न डालें, क्योंकि इससे इंजन ब्लॉक में दरार आ सकती है।
बंद कार में रखी चीजें और उनके खतरे
कड़ी धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस तापमान पर छोड़े गए गैस लाइटर, डियोड्रेंट स्प्रे, हैंड सैनिटाइज़र, पावर बैंक और स्मार्टफोन जैसी चीजें खतरनाक हो सकती हैं। अत्यधिक गर्मी में ये चीजें फट सकती हैं, जिससे कार में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, प्लास्टिक की पानी की बोतलें भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं, क्योंकि गर्मी के कारण उनमें से हानिकारक रसायन पानी में मिल सकते हैं।
एसी का सही उपयोग
गर्मी में कार में बैठते ही एसी को तुरंत फुल स्पीड पर चालू करने से बचें, क्योंकि इससे कंप्रेसर पर अधिक दबाव पड़ता है। सही तरीका यह है कि पहले कार के दरवाजे खोलकर गर्म हवा को बाहर निकालें, फिर थोड़ी देर के लिए खिड़कियां नीचे रखें और उसके बाद एसी चालू करें। गर्मी का मौसम कार की बैटरी की उम्र को भी कम कर सकता है, इसलिए बैटरी टर्मिनल्स की सफाई और इंजन ऑयल की नियमित जांच करते रहें।
