गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल, 15वीं बार जेल से बाहर आए
गुरमीत राम रहीम को मिली पैरोल
सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिली है। यह उनकी 15वीं बार जेल से बाहर आने का अवसर है, जिसमें उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई है। राम रहीम वर्तमान में रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वियों के यौन उत्पीड़न और पत्रकार की हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इससे पहले, वह 15 अगस्त को अपने जन्मदिन के अवसर पर जेल से बाहर आए थे।
पैरोल पर बाहर आने का इतिहास
अप्रैल में, राम रहीम 21 दिन की पैरोल पर बाहर आए थे, और जनवरी में उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक सप्ताह पहले 30 दिन की पैरोल मिली थी। इस दौरान, वह सिरसा में डेरा के मुख्यालय में रहे थे। पहले भी, जब वह जेल से बाहर थे, तो वह उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा के आश्रम में ठहरे थे।
लग्जरी गाड़ियों का काफिला
राम रहीम को लेने के लिए सिरसा डेरे से एक लग्जरी गाड़ियों का काफिला आया, जिसमें दो बुलेट प्रूफ लैंड क्रूजर, दो फॉर्च्यूनर और अन्य गाड़ियाँ शामिल थीं। वह सोमवार को लगभग 11:30 बजे सुनारिया जेल से सिरसा के लिए रवाना हुए और दोपहर 3:30 बजे तक वहाँ पहुँचने की उम्मीद है।
डेरा प्रवक्ता का बयान
डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि हर कैदी को पैरोल और फरलो का अधिकार है। इसके तहत, एक साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह लाभ केवल राम रहीम को नहीं, बल्कि लगभग 6,000 अन्य कैदियों को भी मिलता है।
राम रहीम की सजा का विवरण
गुरमीत राम रहीम 25 अगस्त 2017 को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा पाए थे। इसके बाद, 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई। हालांकि, डेरा के प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में अक्टूबर 2021 में उन्हें उम्र कैद की सजा मिली थी, लेकिन बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया।
