गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर: यात्रा का समय घटाने वाला नया प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
गुरुग्राम, 02 मई। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना की लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये है, जो न केवल दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर ट्रैफिक को कम करेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मददगार साबित होगी। इस कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को बिना दिल्ली के चक्कर लगाए सीधे हरियाणा से नोएडा पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
यात्रा का समय कम होगा
2 घंटे का सफर अब मिनटों में
वर्तमान में, गुरुग्राम से नोएडा जाने में लगभग 2 घंटे लगते हैं, लेकिन नमो भारत ट्रेन इस दूरी को केवल 40 मिनट में तय करेगी। इसी तरह, गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर जो अब 1 घंटे में होता है, वह घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेगी और हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी। इस तेज़ कनेक्टिविटी से गुरुग्राम और फरीदाबाद के रियल एस्टेट और औद्योगिक क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
कॉरिडोर का रूट मैप
गुरुग्राम से नोएडा तक का रूट मैप
इस 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा, यानी 52 किलोमीटर हरियाणा में होगा। गुरुग्राम में, यह इफको चौक से शुरू होकर मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी जैसे प्रमुख स्थानों को कवर करेगा। फरीदाबाद में यह 16 किलोमीटर लंबा होगा, जो सैनिक कॉलोनी, एनआईटी (NIT) और बाटा चौक से होते हुए बादशाहपुर तक पहुंचेगा। नोएडा में इसकी एंट्री FNG एक्सप्रेसवे के माध्यम से होगी, जिसका अंतिम पड़ाव सूरजपुर जंक्शन प्रस्तावित है।
ड्युल मॉडल की विशेषता
एक ट्रैक पर दो सुविधाएं
इस परियोजना की एक अनूठी विशेषता इसका 'ड्युल मॉडल' है। हरियाणा सरकार ने इसे आरआरटीएस (RRTS) और मेट्रो के संयुक्त सिस्टम के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसका अर्थ है कि एक ही रेलवे ट्रैक पर लंबी दूरी की हाईस्पीड नमो भारत ट्रेनें और स्थानीय मेट्रो ट्रेनें दोनों चल सकेंगी। इस पूरे रूट पर 18 अत्याधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे, जो यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेंगे। इस परियोजना से सड़क पर वाहनों की निर्भरता कम होगी और यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनेगी।
