Newzfatafatlogo

टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमतों में भारी वृद्धि, अब 50 लाख के पार

टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमतों में हाल ही में भारी वृद्धि हुई है, जिससे यह अब 50 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। कंपनी ने सभी वेरिएंट्स की कीमतों में 60 हजार से 87 हजार रुपये तक का इजाफा किया है। जानें नई कीमतें और मॉडल्स के बारे में, साथ ही यह भी कि क्या इस वृद्धि का फॉर्च्यूनर की मांग पर कोई असर पड़ेगा।
 | 
टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमतों में भारी वृद्धि, अब 50 लाख के पार

गुरुग्राम में टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमतों में वृद्धि

गुरुग्राम, 07 मई। हरियाणा के प्रमुख शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में स्टेटस सिंबल मानी जाने वाली टोयोटा फॉर्च्यूनर की खरीद अब महंगी हो गई है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी की कीमतों में 60 हजार से लेकर 87 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इस निर्णय के बाद, दिल्ली-एनसीआर के शोरूम में नई मूल्य सूची प्रदर्शित कर दी गई है।


फॉर्च्यूनर की नई कीमतें

50 लाख के पार पहुंची कीमत


अब फॉर्च्यूनर एक नई प्रीमियम श्रेणी में शामिल हो गई है। पेट्रोल 4×2 ऑटोमैटिक और डीजल 4×2 मैनुअल वेरिएंट्स में सबसे कम 60 हजार रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, टॉप मॉडल GR-S 4×4 डीजल की कीमत में 87 हजार रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे इसकी एक्स-शोरूम कीमत 50.46 लाख रुपये हो गई है। ऑन-रोड कीमत कई राज्यों में 55 लाख रुपये को पार कर सकती है।


लीजेंडर और हाइब्रिड मॉडल की कीमतें भी बढ़ीं

लीजेंडर और हाइब्रिड मॉडल भी हुए महंगे


फॉर्च्यूनर लीजेंडर (Legender) के शौकीनों को भी अब अधिक खर्च करना होगा। लीजेंडर 4×4 डीजल माइल्ड-हाइब्रिड वर्जन की कीमत में 83 हजार रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे इसकी नई कीमत 48.29 लाख रुपये हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इनपुट लागत में वृद्धि और मांग में बढ़ोतरी के कारण कंपनी ने यह निर्णय लिया है। हालांकि, इंजन और फीचर्स में कोई तकनीकी बदलाव नहीं किया गया है।


इंजन और पावर में कोई बदलाव नहीं

इंजन और पावर में कोई बदलाव नहीं


हालांकि कीमतें बढ़ गई हैं, लेकिन फॉर्च्यूनर का प्रदर्शन पहले जैसा ही रहेगा। इसमें 2.7 लीटर का पेट्रोल इंजन (166 hp) और 2.8 लीटर का डीजल इंजन (204 hp) उपलब्ध रहेगा। हरियाणा की सड़कों पर राज करने वाली इस गाड़ी में 48V माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक का विकल्प भी कुछ वेरिएंट्स में उपलब्ध है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि के बावजूद फॉर्च्यूनर की मांग पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इस सेगमेंट में इसकी लोकप्रियता को चुनौती देने वाली कोई अन्य गाड़ी नहीं है।