पंजाब में शिक्षा क्रांति का प्रभाव: हरजोत सिंह बैंस का बयान
पंजाब में शिक्षा का नया युग
कहा, अब कोई बच्चा जमीन पर नहीं बैठता
चंडीगढ़: पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा क्रांति का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब पंजाब के किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं कर रहे हैं।
साल 2022 में, सरकारी स्कूलों में 28 लाख छात्रों में से चार लाख बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों की लड़कियों के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे 10,000 छात्राएं यात्रा कर रही हैं।
पूर्व सैनिकों की सुरक्षा में भूमिका
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी स्कूलों की सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों को सिक्योरिटी गार्ड के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, सभी सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल की नियुक्ति भी की जा चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के लिए विशेष प्रबंधों का भी उल्लेख किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित शिक्षक
उन्होंने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में प्रशिक्षण लिया है, जबकि 249 हेड टीचर्स ने आईआईएम अहमदाबाद में एडवांस कोचिंग प्राप्त की है। 216 प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं, जिनकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जो गरीब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जा रही है और विशेष रूप से लड़कियों के लिए मुफ्त स्कूल बस सेवा शुरू की गई है ताकि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे।
