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पीएम मोदी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सामण में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जो एआई क्रांति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस परियोजना के तहत हर साल सैकड़ों मिलियन चिप्स का उत्पादन होगा, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति मजबूत होगी। जानें इस प्रोजेक्ट के बारे में और कैसे यह तकनीकी क्षेत्र में भारत की प्रगति को दर्शाता है।
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पीएम मोदी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया

सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का उद्घाटन


पीएम मोदी ने गुजरात के सामण में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सामण में एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने बताया कि यह एआई क्रांति का युग है और सेमीकंडक्टर इस क्रांति का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि इस एटीएमपी सुविधा के व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत से भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और भी मजबूत होगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत तेजी से वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।


गुजरात के साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) सुविधा का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने इसे देश की तकनीकी नेतृत्व यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पहला प्रोजेक्ट है, जिसकी लागत 22,500 करोड़ रुपये से अधिक है।


वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित करना

मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया, यह कहते हुए कि एआई और चिप्स जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि दुनिया इन दोनों महत्वपूर्ण तकनीकों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए प्रयासरत है और भारत तथा अमेरिका इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान जब वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी, उसी समय भारत ने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की नींव रखी थी, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है और देश तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


हर साल सैकड़ों मिलियन चिप्स का उत्पादन

माइक्रॉन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कंपनी की नई सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग इकाई के उद्घाटन पर बताया कि यह प्लांट हर साल सैकड़ों मिलियन चिप्स का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा माइक्रॉन के वैश्विक नेटवर्क से आने वाले उन्नत ऊफअट और ठअठऊ वेफर्स को तैयार चिप्स में बदलकर दुनियाभर के ग्राहकों तक पहुंचाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा आवश्यक है और डेटा के लिए मेमोरी और स्टोरेज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसे माइक्रॉन विकसित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि संयंत्र ने अब तक 2.3 करोड़ कार्य घंटे पूरे किए हैं और यहां 100% जल पुन: उपयोग जैसे सतत उपाय अपनाए गए हैं।