प्रतीक यादव का निधन: जानिए उनकी संपत्ति और जीवनशैली
प्रतीक यादव की संपत्ति का विवरण
प्रतीक यादव की संपत्ति: उत्तर प्रदेश के यादव परिवार में शोक की लहर तब दौड़ी जब प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिली। 38 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। वह पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे, और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई भी थे।
हालांकि प्रतीक यादव राजनीति में सक्रिय नहीं रहे, लेकिन उन्हें एक सफल व्यवसायी और लग्जरी जीवनशैली के शौकीन के रूप में जाना जाता था। अपर्णा यादव के पति होने के नाते, वह अक्सर अपनी महंगी गाड़ियों और फिटनेस व्यवसाय के कारण चर्चा में रहते थे। उनके निधन के बाद, लोग उनकी संपत्ति और जीवन के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं।
बिजनेस और जीवनशैली
बिजनेस और हाई-प्रोफाइल लाइफ से मिली पहचान
प्रतीक यादव ने राजनीति से दूर रहते हुए व्यवसाय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। वह फिटनेस और वेलनेस से संबंधित कई परियोजनाओं में सक्रिय थे। उनके सामाजिक दायरे में उनकी पहचान एक आधुनिक और हाई-प्रोफाइल व्यक्ति के रूप में थी, जिससे वह अक्सर मीडिया में चर्चा का विषय बने रहते थे।
नेटवर्थ का आंकलन
कितनी है नेटवर्थ
वर्ष 2015-16 में, अपर्णा और प्रतीक यादव ने क्रमशः 1 करोड़ 47 लाख 42 हजार रुपये और 50 लाख 18 हजार रुपये का आयकर रिटर्न दाखिल किया। दस्तावेजों के अनुसार, अपर्णा के नाम कोई कार नहीं थी, जबकि प्रतीक के पास लगभग 5 करोड़ 23 लाख 15 हजार रुपये की लग्जरी कारें थीं। इसके अलावा, उनके नाम पर लगभग 6 करोड़ 15 लाख रुपये की अचल संपत्ति भी थी। वहीं, उनके ऊपर करीब 8 करोड़ 7 लाख 12 हजार रुपये का कर्ज था, जिसमें से 81 लाख 50 हजार रुपये उन्होंने अपने बड़े भाई अखिलेश यादव से लिए थे।
लग्जरी गाड़ियों का शौक
लग्जरी कारों का था खास शौक
प्रतीक यादव का नाम उनकी महंगी गाड़ियों के कारण भी चर्चा में रहा। उनके पास कई लग्जरी कारों का संग्रह था, जिसमें एक लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार भी शामिल थी, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये थी। उनकी महंगी गाड़ियों और स्टाइलिश जीवनशैली के प्रति लोगों की रुचि हमेशा बनी रहती थी।
पशु प्रेम
पशु प्रेम को लेकर भी रहे चर्चा में
हाल ही में, प्रतीक यादव उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने कुत्तों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय बेजुबान जानवरों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। पशु प्रेम के प्रति उनकी पहचान मजबूत थी और वह जानवरों के लिए एक एनजीओ भी चलाते थे।
