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प्रयागराज माघ मेला: मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़

प्रयागराज में माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति पर विशेष स्नान का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर आस्था की डुबकी लगा रही है। मेला प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि दो से ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे। स्नान के लिए 24 घाटों की व्यवस्था की गई है, और मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा के लिए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
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प्रयागराज माघ मेला: मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़

विशेष स्नान का आयोजन


मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष स्नान का आयोजन प्रयागराज में संगम तट पर आज सुबह से विशेष स्नान का कार्यक्रम चल रहा है। रात 12 बजे के बाद से साधु-संत और श्रद्धालु गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। माघ मेला पिछले कई दिनों से चल रहा है, जो कि 44 दिनों तक जारी रहेगा। मकर संक्रांति के पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कल्पवासी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। मेला प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि दो से ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे।


स्नान के लिए 24 घाटों की व्यवस्था

अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र में लगभग 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी घाट पर स्नान कर सकेंगे। पिछले वर्ष मकर संक्रांति पर लगभग 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है, जबकि पिछले वर्ष यह केवल 2 किमी थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें बनाई गई हैं।


श्रद्धालुओं के स्नान के घाट

अरैल क्षेत्र: पक्का घाट, अरैल, सेल्फी प्वाइंट, महाकाल आरती घाट, चक्रम माधव घाट, सोमेश्वर महादेव घाट।


झूंसी क्षेत्र: संगम लोअर घाट, एरावत घाट, मोरी घाट, ओल्ड जीटी घाट, शिवाला घाट, दंडीबाड़ा घाट, आचार्यबाड़ा घाट, कल्पवासी घाट।


परेड संगम क्षेत्र: संगम नोज, संगम यमुनापट्टी घाट, गंगापट्टी घाट, महावीर घाट पश्चिमी, रामघाट, काली घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट पश्चिमी, दशाश्वमेध घाट, नागवासुकि घाट।


मेला क्षेत्र का विभाजन

माघ मेले को सात सेक्टरों में बांटा गया है। महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी के तर्ज पर मेला क्षेत्र का विकास किया गया है। लगभग 800 हेक्टेयर में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं। नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, संगम के जल में सात रंगों की रोशनी वाले फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।