भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, जानें कारण
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। चार दिन के छोटे कारोबारी हफ्ते में दोनों प्रमुख बेंचमार्क नकारात्मक संकेत में रहे।
बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 73,319.55 पर बंद हुआ, जो पिछले शुक्रवार के मुकाबले 263.67 अंक यानी 0.35 प्रतिशत कम है। वहीं, निफ्टी50 ने साप्ताहिक आधार पर 106.50 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,713.10 पर समापन किया।
हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 500 से अधिक अंक गिर गया और सेंसेक्स में 1,500 अंकों से ज्यादा की कमी आई। यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर संभावित सैन्य हमले की चेतावनी दी। हालांकि, दिन के अंत में बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला।
निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, एनटीपीसी और सिप्ला इस सप्ताह सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।
व्यापक बाजारों में, बीएसई मिडकैप 150 ने बेंचमार्क की तुलना में खराब प्रदर्शन किया और सप्ताह-दर-सप्ताह 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 250 ने इस ट्रेंड के विपरीत 0.8 प्रतिशत की बढ़त दिखाई।
सेक्टर के अनुसार, रियल्टी, हेल्थकेयर और बैंकिंग में क्रमशः लगभग 3 प्रतिशत, 2.7 प्रतिशत और 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। वहीं, मेटल, पावर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और ये टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में भी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और करेंसी में स्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे बाजार को राहत मिलेगी। वहीं, यदि तनाव बढ़ता है, तो विदेशी निवेश पर दबाव बना रहेगा और बाजार में कमजोरी जारी रह सकती है।
फिलहाल, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।
आने वाले हफ्ते में बाजार कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर ध्यान देगा, जिसमें आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति का निर्णय, अमेरिका की एफओएमसी बैठक के मिनट्स (8 अप्रैल) और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों की शुरुआत शामिल है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को 'गुड फ्राइडे' के कारण शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार बंद रहेंगे। अब बाजार सोमवार को खुलेंगे, क्योंकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है।
