मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में उछाल
कीमती धातुओं में तेजी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियानों के चलते सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे सोमवार को कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। इस दौरान, सोने और चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
सोने और चांदी की कीमतें
एमसीएक्स पर अप्रैल वायदा सोने की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1,67,915 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी तरह, मार्च वायदा चांदी भी 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2,85,978 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
वर्तमान स्थिति
हालांकि, लेख लिखे जाने के समय (सुबह 10:46 बजे) एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 4,612 रुपए यानी 2.85 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,66,716 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 2.66 प्रतिशत यानी 7,311 रुपए की तेजी के साथ 2,82,309 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
इजरायल के हमले का प्रभाव
तेहरान पर इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ गई।
अमेरिका-इजरायल के हमले
रविवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। इससे बाजार में जोखिम से बचाव की मुद्रा में बदलाव आया और होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की चिंता बढ़ी।
विश्लेषकों की राय
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सोने ने पिछले सप्ताह की तेजी को आगे बढ़ाया है।"
डॉलर और कच्चे तेल की कीमतें
डॉलर इंडेक्स 0.24 प्रतिशत बढ़कर 97.85 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी मुद्राओं में खरीद करने वाले निवेशकों के लिए डॉलर आधारित सोना महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में भी 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
निवेशकों की नजर
निवेशक अब प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले महत्वपूर्ण विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि इस सप्ताह बाजार की दिशा अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
भविष्यवाणी
जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
