वेनेजुएला में पुरानी कारों की बढ़ती कीमतें: एक नई स्थिति
वेनेजुएला में पुरानी कारों का बाजार
नई दिल्ली: वेनेजुएला में पुरानी कारें अब किसी विशेषता से कम नहीं रह गई हैं। जबकि अन्य देशों में सेकेंड हैंड कारें आमतौर पर सस्ती होती हैं, यहां स्थिति बिल्कुल अलग है। देश लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिससे महंगाई तेजी से बढ़ी है, जबकि लोगों की आय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। आम नागरिकों की कमाई स्थानीय मुद्रा बोलिवर में होती है, जबकि कारों की बिक्री अमेरिकी डॉलर में होती है। यही कारण है कि कार खरीदना बेहद कठिन हो गया है।
नई कारों का उत्पादन और आयात काफी कम हो गया है। विदेशी मुद्रा की कमी और कड़े नियमों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। जब नई कारें उपलब्ध नहीं होतीं, तो लोग पुरानी कारों की तलाश में निकल पड़ते हैं। इस बढ़ती मांग के कारण पुरानी कारों की कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं।
पुरानी कारों की कीमतें क्यों बढ़ी?
वेनेजुएला में 1995 मॉडल की पुरानी कारों की कीमत 2,200 से 4,400 अमेरिकी डॉलर के बीच है। यह कीमत सुनने में किसी प्रीमियम कार के समान लगती है। इसका मुख्य कारण यह है कि देश में महंगाई बहुत अधिक है और बोलिवर की कीमत लगातार गिर रही है। डॉलर में बिक्री के कारण आम लोगों के लिए कार खरीदना मुश्किल हो गया है। जिनके पास डॉलर की बचत नहीं है, उनके लिए यह सौदा भारी पड़ता है। इसलिए पुरानी कारें अब महंगी पसंद बन गई हैं।
नई कारों की कमी
देश में नई कारों की बिक्री लगभग ठप हो चुकी है। कार कंपनियों ने उत्पादन में भारी कमी की है। आयात पर कड़े नियम और विदेशी मुद्रा की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने स्थिति को और भी खराब किया है। नई कारों की कमी के कारण लोगों का ध्यान पुरानी कारों की ओर बढ़ा है। मांग बढ़ने के साथ ही कीमतें भी ऊंची हो गई हैं। अब नई कारें कम और पुरानी कारें अधिक बिक रही हैं, लेकिन कीमतें इतनी हैं कि हर कोई खरीद नहीं सकता।
स्पेयर पार्ट्स की कमी
पुरानी कारों की कीमत बढ़ने का एक बड़ा कारण स्पेयर पार्ट्स की कमी है। कई आवश्यक पार्ट्स विदेश से मंगाने पड़ते हैं। लेकिन डॉलर की कमी और कड़े नियमों के कारण यह आसान नहीं रहा। जिन कारों के पार्ट्स मिल जाते हैं या जो अभी भी सही चल रही हैं, उनकी कीमत और बढ़ जाती है। इस स्थिति में 30 साल पुरानी कार भी खास बन जाती है। यहां कार का चलना ही सबसे बड़ा प्लस पॉइंट माना जा रहा है।
डॉलर में लेन-देन का महत्व
वेनेजुएला की आधिकारिक मुद्रा बोलिवर है, लेकिन कार बाजार डॉलर पर निर्भर है। विक्रेता महंगाई से बचने के लिए डॉलर में ही भुगतान लेना पसंद करते हैं। बोलिवर में सौदा करने से कीमतें रोज बदलती रहती हैं, इसलिए डॉलर एक सुरक्षित विकल्प बन गया है। इसी कारण पुरानी कारें अब स्टेटस सिंबल बन गई हैं। अब कार केवल जरूरत नहीं, बल्कि शान की चीज बन चुकी है। जो कार चलती है, वही सबसे महंगी मानी जाती है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति
देश में सार्वजनिक परिवहन की स्थिति बेहद खराब है। बसें और टैक्सी सीमित संख्या में चल रही हैं। कई शहरों में सुविधाएं भरोसेमंद नहीं हैं। लोगों के पास निजी कार ही एक सुरक्षित साधन बचा है। लेकिन जब कारें कम हों और डॉलर में बिकें, तो कीमतें बढ़ना तय है। यही कारण है कि 1995 की कार भी शान की चीज बन गई है। यहां कार का चलना ही उसकी असली वैल्यू है, उम्र नहीं।
राजनीतिक उथल-पुथल
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका ने 3 जनवरी, शनिवार को कराकस में त्वरित सैन्य छापों में उन्हें और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस को सफलतापूर्वक 'पकड़' लिया है। अब उन पर अमेरिका में नशीले पदार्थों से संबंधित आतंकवाद के गंभीर आरोप हैं और उन्हें आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
