सर्दियों में कार के रीसर्कुलेशन मोड का सही उपयोग कैसे करें
सर्दियों में रीसर्कुलेशन मोड का खतरा
नई दिल्ली: कई कार चालक रीसर्कुलेशन बटन को तो पहचानते हैं, लेकिन इसके सही उपयोग के बारे में जानकारी कम होती है। अक्सर लोग इसे हर मौसम में सक्रिय रखते हैं।
हालांकि, सर्दियों में यह आदत खतरनाक हो सकती है। ठंड के मौसम में कार के अंदर और बाहर के तापमान में बड़ा अंतर होता है, जिससे रीसर्कुलेशन मोड कई समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
रीसर्कुलेशन मोड का कार्यप्रणाली
जब रीसर्कुलेशन मोड चालू होता है, तो कार बाहर से हवा नहीं लेती। इसके बजाय, केबिन के अंदर की हवा बार-बार चक्रित होती है। इससे एसी या हीटर को कम मेहनत करनी पड़ती है और तापमान जल्दी नियंत्रित होता है। गर्मियों में, यह ईंधन की बचत और तेजी से ठंडक प्रदान करने में सहायक होता है।
सर्दियों में खतरे का बढ़ना
सर्दियों में रीसर्कुलेशन मोड को चालू रखने से नमी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे कार के शीशों पर कोहरा जमने लगता है। इससे दृश्यता कम हो जाती है, जो विशेष रूप से हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान खतरनाक हो सकता है।
ऑक्सीजन स्तर पर प्रभाव
लगातार रीसर्कुलेशन मोड के उपयोग से केबिन में ताजा हवा नहीं पहुंचती, जिससे ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे घट सकता है और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ सकता है। इसका प्रभाव ड्राइवर की सतर्कता पर पड़ता है, जिससे थकान या चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सही उपयोग की सलाह
सर्दियों में, यह बेहतर है कि रीसर्कुलेशन मोड को लंबे समय तक चालू न रखा जाए। समय-समय पर फ्रेश एयर मोड का उपयोग करें, ताकि बाहर की हवा अंदर आ सके। इससे शीशों पर कोहरा कम होगा और केबिन का माहौल सुरक्षित रहेगा।
समझदारी से उपयोग करें
रीसर्कुलेशन मोड का समझदारी से उपयोग करना हर ड्राइवर के लिए आवश्यक है। यह सुविधा आराम और सुविधा के लिए बनाई गई है, लेकिन इसका गलत या अत्यधिक उपयोग नुकसान पहुंचा सकता है। कई लोग इसे आदतन हमेशा चालू रखते हैं, जबकि हर मौसम और स्थिति में इसकी आवश्यकता नहीं होती। सर्दियों में तापमान और नमी का संतुलन बिगड़ने से यह सुविधा परेशानी का कारण बन सकती है।
