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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की निगरानी जारी

इस लेख में होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 16 भारतीय जहाजों की स्थिति और उनकी निगरानी के बारे में जानकारी दी गई है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, लेकिन अब कुछ जहाज सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। जानें सरकार ने ट्रांजिट लेवी के दावों का खंडन कैसे किया और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों की निगरानी जारी

भारतीय जहाजों की स्थिति


मौजूदा समय में होर्मुज में 16 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं


Hormuz Strait: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों की श्रृंखला जारी है, जो अब 39 दिन तक चल चुकी है। जब इन दोनों देशों ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए, तो ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया।


हालांकि, ईरान ने बाद में कुछ नरमी दिखाई और भारत समेत अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी। इस प्रक्रिया में, पिछले दो हफ्तों में आठ भारतीय जहाज, जिनमें एलपीजी और कच्चा तेल लदा था, सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार कर चुके हैं। इस बीच, कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत और ईरान के बीच ट्रांजिट लेवी पर बातचीत चल रही है।


सरकार ने खंडन किया

सरकार ने इन दावों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। नौवहन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने स्पष्ट किया कि ट्रांजिट लेवी पर भारत और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।


जहाजों की निगरानी

व्यापारिक जहाजों की स्थिति पर अपडेट देते हुए मंगल ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 16 भारतीय जहाजों की कड़ी निगरानी की जा रही है। ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, उन्होंने बताया कि एलपीजी ले जाने वाले दो महत्वपूर्ण जहाज- 'ग्रीन संघवी' और 'ग्रीन आशा' - इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। 'ग्रीन संघवी' 46,500 टन और 'ग्रीन आशा' 15,500 टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं, जिनके क्रमशः 7 अप्रैल और 9 अप्रैल को भारत पहुंचने की उम्मीद है।