AI को भविष्य की शक्ति मानते हैं के. वी. कामत, शिक्षा में बदलाव की आवश्यकता
AI का महत्व और शिक्षा में सुधार
प्रमुख बैंकर और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन के. वी. कामत ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के एक कार्यक्रम में यह बात कही, जहां उन्होंने जोर दिया कि AI अगले दशक का सबसे महत्वपूर्ण ट्रेंड होगा। हालांकि, इसके लाभ उठाने के लिए भारत को अपनी शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव करने की आवश्यकता है।
कामत ने हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि भारत को महंगे फाउंडेशनल मॉडल विकसित करने के बजाय AI के व्यावहारिक उपयोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “AI के लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) बनाना अंतिम लक्ष्य नहीं है... हमें इसके उपयोग के संभावित क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए।” कामत ने वित्तीय सेवाओं में AI के उपयोग की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कॉल सेंटर जैसे क्षेत्रों में इसे आसानी से लागू किया जा सकता है, जिससे दक्षता में वृद्धि, लागत में कमी और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व चेयरमैन कामत ने कहा कि AI-आधारित परिवर्तनों का पूरा लाभ उठाने के लिए शिक्षा पाठ्यक्रम में बड़े पैमाने पर सुधार और युवाओं को उचित प्रशिक्षण प्रदान करना आवश्यक है।
देश की आर्थिक स्थिति पर कामत ने कहा कि वर्तमान में महंगाई और ब्याज दरें नियंत्रण में हैं, जिससे नीति-निर्माताओं के लिए दरों को स्थिर रखने या घटाने की संभावना बनी हुई है।
कामत ने कोविड-19 के दौरान भारतीय उद्योग की जुझारूपन की सराहना की और कहा कि हर बड़े संकट ने उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों को तेजी से काम करने के साथ-साथ संतुलन बनाए रखना होगा, अन्यथा जोखिम बढ़ सकता है।
