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PM मोदी ने इटली की पीएम को दिया मेलोडी चॉकलेट, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान एक खास पल सामने आया, जब उन्होंने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट भेंट की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। जानें इस चॉकलेट का इतिहास, इसकी विशेषताएं और पारले प्रोडक्ट्स की सफलता की कहानी। क्या मेलोडी चॉकलेट की लोकप्रियता अब भी बरकरार है? इस लेख में जानें सब कुछ।
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PM मोदी ने इटली की पीएम को दिया मेलोडी चॉकलेट, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

दिल्ली से इटली तक का खास पल


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इटली यात्रा के दौरान एक विशेष क्षण सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। इस वायरल वीडियो में पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को प्रसिद्ध मेलोडी चॉकलेट भेंट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो खुद मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसके बाद मेलोडी चॉकलेट की चर्चा फिर से शुरू हो गई है।


मेलोनी का वीडियो शेयर

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'गिफ्ट के लिए धन्यवाद।' इस वीडियो में पीएम मोदी उन्हें मेलोडी चॉकलेट का स्टैंडर्ड पैक देते हुए नजर आ रहे हैं। इस खास पल ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया और देखते ही देखते मेलोडी ट्रेंड करने लगी।




मेलोडी चॉकलेट का इतिहास

मेलोडी चॉकलेट, जिसे पारले प्रोडक्ट्स द्वारा निर्मित किया जाता है, इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका अनोखा स्वाद है। इसका बाहरी हिस्सा कड़े कैरामल से बना होता है, जबकि अंदर गाढ़ी चॉकलेट भरी होती है। पारले प्रोडक्ट्स ने इस कैंडी को 1983 में लॉन्च किया था, और तब से यह लोगों की पसंद बन गई है।


पारले प्रोडक्ट्स की स्थापना

पारले प्रोडक्ट्स की स्थापना 1929 में मोहनलाल दयाल चौहान ने मुंबई के विले पार्ले में की थी। शुरुआत में कंपनी जर्मनी से आयातित मशीनों से मिठाई और कैंडी बनाती थी। 1939 में, कंपनी ने बिस्कुट निर्माण शुरू किया, और पारले-जी बिस्कुट धीरे-धीरे देश के सबसे लोकप्रिय ब्रांडों में शामिल हो गया।


कंपनी का कारोबार

बिस्कुट और कनफेक्शनरी के क्षेत्र में इस कंपनी का पिछले वित्त वर्ष में रेवेन्यू 8.5 फीसदी बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी दौरान कंपनी का मुनाफा 979.53 करोड़ रुपये रहा। भारत के कनफेक्शनरी बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 15 फीसदी है। हालांकि, कंपनी अलग-अलग कैंडी ब्रांड्स की कमाई का खुलासा नहीं करती, लेकिन मेलोडी का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।


मेलोडी का विज्ञापन अभियान

मेलोडी की सफलता में इसके विज्ञापन अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसकी प्रसिद्ध टैगलाइन 'मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है' लोगों की जुबान पर चढ़ गई थी। इसके जवाब में कहा जाता था, 'मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।' इस विज्ञापन ने ब्रांड को देशभर में एक अलग पहचान दिलाई।


मेलोडी की निरंतर लोकप्रियता

समय के साथ कई नए कैंडी और चॉकलेट ब्रांड बाजार में आए हैं, लेकिन मेलोडी की लोकप्रियता अब भी बरकरार है। वर्तमान में पारले प्रोडक्ट्स का प्रबंधन विजय चौहान, शरद चौहान और राज चौहान कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, विजय चौहान और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग 8.6 अरब डॉलर है। कंपनी पारले-जी, क्रैकजैक, मोनेको और मेलोडी जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स का निर्माण करती है।