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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, शेयर बाजार में तेजी

हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबर के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इस घटना का तेल की आपूर्ति पर कोई तात्कालिक प्रभाव नहीं पड़ा है। वहीं, शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है, जबकि सोने और चांदी की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। जानें आगे बाजार की दिशा और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का महत्व।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, शेयर बाजार में तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबर के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है। आमतौर पर ऐसी राजनीतिक घटनाओं के बाद तेल की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार बाजार की प्रतिक्रिया अलग रही। निवेशकों का मानना है कि इस घटना का तेल की आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।


तेल की कीमतों में गिरावट का आंकड़ा

कितनी गिरीं तेल की कीमतें

अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल 36 सेंट की कमी के साथ 56.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड 34 सेंट गिरकर 60.41 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति वर्तमान में पर्याप्त है, जिससे कीमतें पिछले छह महीनों के निचले स्तर पर बनी हुई हैं।


वेनेजुएला का तेल उद्योग

वेनेजुएला का तेल सेक्टर कमजोर

विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला का तेल क्षेत्र कई वर्षों से प्रतिबंधों और निवेश की कमी से प्रभावित है। वर्तमान में वहां का उत्पादन लगभग 11 लाख बैरल प्रतिदिन है। राजनीतिक परिवर्तनों के बावजूद, उत्पादन में अचानक वृद्धि करना कठिन है। तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए समय और भारी निवेश की आवश्यकता होगी, इसलिए निकट भविष्य में वैश्विक आपूर्ति पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं दिखता।


शेयर बाजार में तेजी

शेयर बाजारों में दिखा उत्साह

तेल की कीमतों में गिरावट के विपरीत, शेयर बाजारों में तेजी आई है। एशियाई बाजारों में टेक शेयरों के कारण जोरदार उछाल देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक 3 प्रतिशत बढ़कर अक्टूबर के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया, ताइवान और यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी बढ़त देखी गई। अमेरिकी बाजारों के संकेत भी स्थिर रहे।


सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि

सोना-चांदी क्यों चमके

भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प को चुना। इसी वजह से सोने की कीमत में 2.7 प्रतिशत और चांदी में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक शेयरों में जोखिम ले रहे हैं, लेकिन संभावित झटकों से बचने के लिए भी तैयार हैं।


आगे की बाजार की दिशा

आगे बाजार की नजर किस पर

यह नए साल का पहला पूरा कारोबारी सप्ताह है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर है, जैसे सर्विस सेक्टर, उपभोक्ता भरोसा और रोजगार से जुड़े आंकड़े। ये आंकड़े जनवरी के अंत में होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी बाजारों का पिछला हाल

पिछले सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। कुल मिलाकर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, लेकिन वे हर कदम सोच-समझकर उठा रहे हैं।