अडानी पावर ने आईटी सेक्टर को पीछे छोड़ा, निवेशकों में उत्साह
बड़ी तेजी के साथ अडानी पावर का मार्केट कैप
मुंबई: अडानी पावर के शेयरों में अभूतपूर्व वृद्धि और आईटी क्षेत्र में गिरावट के कारण एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। वर्तमान में, अडानी पावर की मार्केट वैल्यू अब देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस से अधिक हो गई है। 27 मई को ट्रेडिंग के दौरान अडानी पावर का मार्केट कैप 4.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इंफोसिस का मार्केट कैप लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये था। यह स्थिति दर्शाती है कि निवेशक अब आईटी क्षेत्र की तुलना में पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में अधिक विश्वास दिखा रहे हैं।
निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि
पिछले एक वर्ष के आंकड़ों के अनुसार, अडानी पावर के शेयरों ने निवेशकों को शानदार लाभ दिया है, जिसमें लगभग 125 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, इसी अवधि में इंफोसिस के शेयरों में लगभग 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह बड़ा अंतर बाजार के बदलते रुझान और निवेशकों की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
आईटी सेक्टर पर दबाव
वर्तमान में, भारत का आईटी सेक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण दबाव में है। इस महीने की शुरुआत में ओपनएआई द्वारा एआई के माध्यम से कार्य सुधारने के लिए एक नए वेंचर की घोषणा के बाद आईटी शेयरों में भारी गिरावट आई। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि पारंपरिक आईटी सेवाओं का व्यवसाय भविष्य में कम हो सकता है।
आईटी इंडेक्स का निचला स्तर
इस गिरावट के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.6 प्रतिशत गिरकर 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों ने हाल की तिमाही में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। इसके अलावा, कई कंपनियों ने इस वित्त वर्ष के लिए कमजोर कमाई के अनुमान दिए हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास प्रभावित हुआ है।
निवेशकों की चिंताएं
भारतीय आईटी कंपनियों की आय का एक बड़ा हिस्सा उत्तरी अमेरिका से आता है, इसलिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वहां की तकनीकी खर्च में बदलाव का सीधा प्रभाव इन पर पड़ता है। निवेशकों को चिंता है कि एआई टूल्स के तेजी से आगमन के बाद पारंपरिक आईटी सपोर्ट की आवश्यकता में कमी आ सकती है। 2026 तक, भारतीय आईटी शेयरों में 25 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है, जो दर्शाता है कि यह क्षेत्र वैश्विक तकनीकी बाजार में भारी दबाव का सामना कर रहा है।
