अडानी समूह के खिलाफ अमेरिकी एजेंसियों का नया मामला: समझौता और संभावित निवेश
अडानी समूह का मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे मामले में समझौता किया है, जबकि अमेरिकी न्याय विभाग भी आपराधिक धोखाधड़ी के मामले को वापस लेने की योजना बना रहा है। इस बीच, अडानी समूह ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव रखा है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
| May 15, 2026, 21:07 IST
अडानी समूह का मामला फिर से चर्चा में
अडानी समूह से संबंधित मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। अमेरिका के प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे रिश्वत और निवेशकों को गुमराह करने के मामले में एक समझौता किया है। यह समझौता अदालत की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा।
अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे आपराधिक धोखाधड़ी के मामले को वापस लेने की योजना बना रहा है। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, गौतम अडानी ने 60 लाख डॉलर का दीवानी जुर्माना भरने पर सहमति जताई है, जबकि उनके भतीजे सागर अडानी 1 करोड़ 20 लाख डॉलर का भुगतान करेंगे। इस समझौते में किसी भी प्रकार के अपराध को स्वीकार नहीं किया गया है।
सौर ऊर्जा परियोजना में रिश्वत का आरोप
यह मामला 2024 में तब सामने आया जब अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारियों को सौर ऊर्जा परियोजना हासिल करने के लिए रिश्वत दी गई थी और अमेरिकी निवेशकों को गलत जानकारी दी गई थी।
अडानी समूह के शेयरों में गिरावट
इस मामले की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में हुई थी। भारत में इस मामले से संबंधित कोई बड़ी जांच नहीं हुई है, लेकिन आरोपों के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, जिसमें कई कंपनियों के शेयर 23 प्रतिशत तक टूट गए थे।
नई कानूनी टीम और निवेश प्रस्ताव
हाल ही में, गौतम अडानी ने एक नई कानूनी टीम नियुक्त की है, जिसका नेतृत्व रॉबर्ट जिउफ्रा कर रहे हैं, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी वकीलों में से एक माने जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पक्ष के वकीलों ने 100 से अधिक प्रस्तुति स्लाइड्स के माध्यम से यह तर्क दिया कि अमेरिकी एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत और अधिकार क्षेत्र की कमी थी।
अडानी समूह का अमेरिका में निवेश का प्रस्ताव
अडानी समूह ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करने और लगभग 15,000 नौकरियों का सृजन करने का प्रस्ताव भी रखा है। गौतम अडानी ने नवंबर 2024 में ट्रंप की चुनावी जीत के बाद अमेरिका में बड़े निवेश की बात की थी।
अंतिम फैसला अदालत की मंजूरी पर निर्भर
अंततः, इस मामले पर अंतिम निर्णय अदालत की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर वैश्विक कारोबारी जगत में अडानी समूह और अमेरिकी एजेंसियों के संबंधों को चर्चा का विषय बना दिया है।
