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आईआईएम मुंबई के 2024-2026 बैच के प्लेसमेंट में रिकॉर्ड वेतन वृद्धि

आईआईएम मुंबई ने अपने 2024-2026 बैच के प्लेसमेंट परिणामों की घोषणा की है, जिसमें अधिकतम वेतन पैकेज 71.4 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस वर्ष, स्नातकों को विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्तियां मिली हैं, जिसमें बीएफएसआई और परामर्श क्षेत्र प्रमुख हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने उद्योग में प्रबंधन प्रतिभा के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव की बात की है।
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आईआईएम मुंबई के 2024-2026 बैच के प्लेसमेंट में रिकॉर्ड वेतन वृद्धि

आईआईएम मुंबई के प्लेसमेंट परिणाम

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) मुंबई ने शनिवार को अपने 2024-2026 बैच के प्लेसमेंट परिणामों की घोषणा की। इस वर्ष, अधिकतम घरेलू वेतन पैकेज 71.4 लाख रुपये तक पहुंच गया।


संस्थान द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि बैच के शीर्ष 10 प्रतिशत छात्रों को औसतन 47.5 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसी तरह, शीर्ष 20 प्रतिशत के लिए यह औसत 41.4 लाख रुपये और शीर्ष 50 प्रतिशत के लिए 34.5 लाख रुपये रहा।


पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि

पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।


इस सूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्नातकों को बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (बीएफएसआई), परामर्श, एफएमसीजी, सामान्य प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, परिचालन, लॉजिस्टिक, दवा और स्वास्थ्य सेवा तथा उत्पाद प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्तियां मिली हैं।


भर्ती के प्रमुख क्षेत्र

परामर्श क्षेत्र सबसे बड़ा भर्ती क्षेत्र रहा, जिसमें 123 प्रस्ताव दिए गए। बीएफएसआई क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में नियुक्तियों में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इस सत्र की सबसे अधिक क्षेत्रीय वृद्धि है।


उपभोक्ता वस्तुओं (एफएमसीजी) के क्षेत्र में नियुक्तियां 24 प्रतिशत बढ़ीं। इसके अलावा, लॉजिस्टिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जो आपूर्ति श्रृंखला और परिचालन रणनीति में संस्थान की विशेषज्ञता को दर्शाती है।


आईआईएम मुंबई के निदेशक का बयान

आईआईएम मुंबई के निदेशक, प्राध्यापक मनोज कुमार तिवारी ने कहा, "हम प्रबंधन प्रतिभा के प्रति उद्योग के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं। बीएफएसआई में 33 प्रतिशत की वृद्धि हमारे वित्तीय और विश्लेषणात्मक शैक्षणिक झुकाव का प्रमाण है। कृत्रिम मेधा (एआई) और डिजिटल परिवर्तन के इस युग में, हमारे छात्र संगठनों में परिवर्तन के सूत्रधार के रूप में उभर रहे हैं।"