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आरबीआई गवर्नर का नया साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने का आह्वान

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों को नए साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने और निगरानी को सख्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वित्तीय समावेश और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने तकनीकी दक्षता और संस्थागत मूल्यों को बनाए रखने की बात की। यह संदेश तेजी से बदलते आर्थिक परिदृश्य में रिजर्व बैंक की बढ़ती जिम्मेदारियों को दर्शाता है।
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आरबीआई गवर्नर का नया साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने का आह्वान

आरबीआई गवर्नर का संदेश

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों से नए साल में नियामकीय संतुलन बनाए रखने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का आह्वान किया।


मल्होत्रा ने अपने वार्षिक संदेश में कहा कि ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और वित्तीय समावेश आरबीआई के कार्यों का मुख्य आधार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें मौद्रिक नीति के ढांचे को मजबूत करने, निगरानी को तेज करने, नियमों को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने, वित्तीय बाजारों का विस्तार करने और भुगतान एवं मुद्रा प्रबंधन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना होगा।


आरबीआई गवर्नर ने कर्मचारियों से अपने ज्ञान को निरंतर बढ़ाने, विश्लेषणात्मक क्षमताओं को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी को अपनाने और प्रक्रियाओं में सुधार करने पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य, प्रौद्योगिकी में परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और बढ़ती जन-अपेक्षाओं के बीच रिजर्व बैंक की जिम्मेदारियां भविष्य में और बढ़ेंगी।


मल्होत्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक को हमेशा अपने कर्मचारियों से असली ताकत मिली है और उनका काम भले ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई न दे, लेकिन इसका महत्व देश के लिए गहरा है।


उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ ईमानदारी, स्वतंत्रता, दक्षता, विनम्रता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता जैसे संस्थागत मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।