आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, महंगाई की चिंता बनी हुई है
आरबीआई का निर्णय
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और तेल तथा गैस की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई बढ़ने की संभावना के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने नए वित्त वर्ष की पहली दो मासिक बैठक में यह तय किया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका परिणाम यह होगा कि आवास और वाहन की किस्तें महंगी नहीं होंगी। आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखा है।
गवर्नर का बयान
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार, 8 अप्रैल को मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। इससे पहले, फरवरी में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। आरबीआई ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत किया था, जिसके बाद से इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
महंगाई का खतरा
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि महंगाई बढ़ने का खतरा अभी भी बना हुआ है। खराब मौसम और बेमौसम बारिश के कारण फल, सब्जियों और अनाज की कीमतों में वृद्धि की संभावना है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है, लेकिन ईरान युद्ध के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
