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इंफोसिस ने AI के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी की योजना से किया इनकार

इंफोसिस ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि वह AI के बढ़ते प्रभाव के बावजूद अपने कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेगी। सीईओ सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी इस वर्ष लगभग 20,000 नए स्नातकों को नियुक्त करने की योजना बना रही है। उन्होंने AI के कार्य में बदलाव लाने की बात की, लेकिन यह भी बताया कि यह मानव प्रतिभा को प्रतिस्थापित नहीं करेगा। कंपनी का ध्यान कर्मचारियों के कौशल विकास पर है, जिससे वे नए AI उपकरणों के साथ काम कर सकें। जानें और क्या योजनाएँ हैं इंफोसिस की।
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इंफोसिस ने AI के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी की योजना से किया इनकार

इंफोसिस का सकारात्मक दृष्टिकोण

वैश्विक आईटी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का बढ़ता प्रभाव और कई प्रमुख कंपनियों द्वारा की जा रही छंटनी के बीच, भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों को राहत दी है। कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने स्पष्ट किया है कि वे AI के कारण नौकरियों में कटौती करने का कोई इरादा नहीं रखते। उन्होंने कहा कि AI कार्य करने के तरीके को बदल सकता है, लेकिन यह मानव प्रतिभा को प्रतिस्थापित नहीं करेगा।


छंटनी की कोई योजना नहीं

मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में, पारेख ने बताया कि पिछले वर्ष में कंपनी ने कोई छंटनी नहीं की और भविष्य में भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "हमने पिछले साल कोई छंटनी नहीं की है और हमें ऐसा कुछ भी होता नहीं दिख रहा है।"


AI का प्रभाव और नौकरी की सुरक्षा

पारेख ने AI के विकास को उद्योग में एक संरचनात्मक बदलाव के रूप में देखा, लेकिन यह नहीं मानते कि इससे नौकरियों में कमी आएगी। उन्होंने कहा, "AI काम का दायरा बढ़ा रहा है, उसे छोटा नहीं कर रहा है।" इस समय कई आईटी कंपनियों ने अलग-अलग रणनीतियाँ अपनाई हैं, जैसे टीसीएस, एचसीएलटेक, और कॉग्निजेंट ने कार्यबल पुनर्गठन किया है।


भर्ती की योजना

इंफोसिस नौकरी में कटौती करने के बजाय नए कर्मचारियों की भर्ती जारी रखने की योजना बना रही है। पारेख ने कहा कि कंपनी इस वर्ष लगभग 20,000 नए स्नातकों को शामिल करेगी, जो यह दर्शाता है कि वे प्रवेश स्तर की प्रतिभा पर भरोसा कर रहे हैं।


कर्मचारियों का पुनः कौशल विकास

पारेख ने बताया कि कंपनी का ध्यान कर्मचारियों की संख्या कम करने के बजाय उनके कौशल को बढ़ाने पर है। इंजीनियरों को पारंपरिक कोडिंग और AI-संचालित उपकरणों के साथ काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि वे सीखें कि फाउंडेशन मॉडल के साथ और उसके बिना कोड कैसे बनाया जाए।"


AI का वर्तमान योगदान

AI केवल इंफोसिस के लिए भविष्य की योजना नहीं है, बल्कि यह पहले से ही कंपनी के राजस्व में लगभग 5.5% का योगदान दे रहा है। पारेख ने कहा कि कंपनी ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी को मजबूत कर रही है।


भविष्य की संभावनाएँ

पारेख ने संकेत दिया कि AI की आवश्यकता को समाप्त नहीं करेगा, बल्कि यह कौशल आवश्यकताओं को बदल देगा। उन्होंने कहा, "विशेष कौशल समय के साथ और अधिक मूल्यवान हो जाएंगे।" इंफोसिस का दृष्टिकोण और कुछ प्रतिस्पर्धियों की छंटनी के बीच का अंतर आईटी क्षेत्र में व्यापक बदलाव को दर्शाता है।