Newzfatafatlogo

इजरायल-ईरान संघर्ष से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

इजरायल-ईरान युद्ध के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में महत्वपूर्ण कमी आई है, जबकि ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई है। इस लेख में जानें कि कैसे इस संघर्ष ने बाजार को प्रभावित किया है और सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का क्या असर पड़ा है।
 | 
इजरायल-ईरान संघर्ष से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते भारतीय शेयर बाजार में गंभीर गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स में 1,486 अंक या 1.83 प्रतिशत की कमी आई, जिससे यह 79,806 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 453.35 अंक या 1.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,725 पर था। 


किस सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट?

बाजार में ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने तीन-तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष लूजर्स का स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, निफ्टी इन्फ्रा 2.77 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.39 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.30 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। 


मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 362 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमी के साथ 16,566 पर और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1200 अंक या 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,914 पर था। 


गेनर्स और लूजर्स की सूची

सेंसेक्स पैक में बीईएल, सन फार्मा और भारती एयरटेल जैसे शेयर गेनर्स रहे। जबकि एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, इटरनल, ट्रेंट, एनटीपीसी, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एसबीआई, पावर ग्रिड, एचयूएल, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक लूजर्स में शामिल थे। 


बाजार का कुल मार्केट कैप

बाजार में गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी शेयरों का मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपए घटकर 454 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पहले 463 लाख करोड़ रुपए था। 


गिरावट के अन्य कारण

इजरायल-ईरान युद्ध को बाजार में गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका और कई खाड़ी देश भी शामिल हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट भी बाजार पर दबाव डाल रही है। 


सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि

दूसरी ओर, सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। सोने की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 5,415 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। 


क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल

ब्रेंट क्रूड की कीमत 9 प्रतिशत बढ़कर 79 डॉलर प्रति औंस और डब्ल्यूटीआई क्रूड 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 72 डॉलर प्रति औंस पर है।