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इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग: टाटा मोटर्स की उत्पादन क्षमता में वृद्धि

भारत में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर वाहन बाजार पर पड़ रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी आई है। टाटा मोटर्स ने अपनी उत्पादन क्षमता को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी के सीईओ शैलेश चंद्र के अनुसार, पिछले दो महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बुकिंग में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई है। इस लेख में जानें कि कैसे बढ़ती मांग और ईंधन की कीमतें टाटा मोटर्स की रणनीतियों को प्रभावित कर रही हैं और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में क्या संभावनाएं हैं।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग: टाटा मोटर्स की उत्पादन क्षमता में वृद्धि

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का प्रभाव

देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की महंगाई का सीधा असर वाहन बाजार पर देखने को मिल रहा है। खासकर, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। इस बीच, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना बनाई है।


उत्पादन क्षमता में वृद्धि की योजना

कंपनी अगले तीन से चार महीनों में अपनी इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन क्षमता को कम से कम 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्र ने बताया कि पिछले दो महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बुकिंग में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई है।


मौजूदा उत्पादन और मांग

वर्तमान में, टाटा मोटर्स हर महीने लगभग 9,000 से 10,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन कर रही है, जबकि मांग इससे कहीं अधिक हो चुकी है। शैलेश चंद्र के अनुसार, मौजूदा मांग उत्पादन क्षमता से लगभग ढाई गुना अधिक है, जिससे कंपनी तेजी से उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।


उपकरणों की उपलब्धता की समस्या

उन्होंने कहा कि कंपनी के कारखानों में उत्पादन क्षमता की कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन कई पुर्जे उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। कुछ आपूर्तिकर्ताओं को नई मशीनें और उपकरण स्थापित करने की आवश्यकता हो सकती है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान से संबंधित हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसका असर भारत में ईंधन की कीमतों पर भी पड़ा है। 15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग साढ़े सात रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे छोटे वाहन खरीदने वाले ग्राहक अब कम खर्च वाले विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।


ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं

शैलेश चंद्र ने कहा कि छोटे वाहन खरीदने वाले ग्राहक ईंधन की कीमतों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। यही कारण है कि लोग अब अपने घर में कम से कम एक इलेक्ट्रिक वाहन रखना चाहते हैं ताकि भविष्य में ईंधन महंगा होने पर खर्च कम किया जा सके।


इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग

कंपनी के अनुसार, सबसे अधिक मांग 15 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में देखी जा रही है। टाटा मोटर्स की पंच ईवी की मांग में फरवरी 2026 के बाद लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। कंपनी को उम्मीद थी कि मांग तीन गुना तक बढ़ेगी, लेकिन वास्तविक मांग इससे कहीं अधिक है।


टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक मॉडल

टाटा मोटर्स इस समय टियागो ईवी, टिगोर ईवी, पंच ईवी, नेक्सन ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी जैसे मॉडल बेच रही है। इसके अलावा, कंपनी इस साल के अंत तक सिएरा ईवी भी बाजार में लाने की योजना बना रही है।


उत्पादन स्थान

जानकारी के अनुसार, टियागो ईवी और टिगोर ईवी का उत्पादन गुजरात के साणंद संयंत्र में किया जाता है, जबकि पंच ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी का निर्माण पुणे संयंत्र में हो रहा है। नेक्सन ईवी दोनों स्थानों पर बनाई जा रही है।


बिक्री के आंकड़े

टाटा मोटर्स ने अब तक भारत में 3 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। अकेले टियागो ईवी की बिक्री 2022 से अब तक लगभग 75,000 यूनिट तक पहुंच चुकी है।


नई टियागो पेट्रोल की लॉन्चिंग

कंपनी ने हाल ही में नई टियागो पेट्रोल को 4.69 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है। वहीं, टियागो सीएनजी की शुरुआती कीमत 5.79 लाख रुपये और नई टियागो ईवी की शुरुआती कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी बैटरी-एज़-ए-सर्विस सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिससे ग्राहक कम शुरुआती कीमत पर वाहन खरीद सकते हैं और बैटरी उपयोग के अनुसार अलग शुल्क चुकाना होगा।


भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह की वृद्धि जारी रही, तो आने वाले महीनों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और तेजी से बढ़ सकती है, जिससे वाहन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ने की संभावना है।