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ईंधन की खरीदारी में वृद्धि पर एसजेएम की चेतावनी

स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते ईंधन की खरीदारी में अचानक वृद्धि पर चिंता जताई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे जमाखोरी से बचें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी उत्पन्न होती है। एसजेएम ने यह भी कहा कि ईंधन की आपूर्ति स्थिर है और नागरिकों को केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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ईंधन की खरीदारी में वृद्धि पर एसजेएम की चेतावनी

ईंधन की खरीदारी में घबराहट

स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम), जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा है, ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन की खरीदारी और एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे जमाखोरी से बचें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी उत्पन्न होती है।


कृत्रिम कमी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति कम नहीं होती, लेकिन कुछ बाहरी कारणों से ऐसा आभास होता है कि सामान खत्म हो रहा है।


एसजेएम ने यह भी सुझाव दिया कि जीवाश्म ईंधनों के उपयोग को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। एसजेएम के राष्ट्रीय सह-समन्वयक अश्वनी महाजन ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल की मांग में अचानक वृद्धि डर के कारण है, जबकि ईंधन की आपूर्ति स्थिर है। उन्होंने कहा, 'एलपीजी सिलेंडरों की औसत दैनिक बुकिंग, जो सामान्यतः 55 से 60 लाख के बीच होती थी, अब 75 से 88 लाख प्रतिदिन हो गई है। इसी तरह पेट्रोल की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।'


महाजन ने आगे कहा, 'हालांकि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति लगातार बनी हुई है, फिर भी घबराहट में खरीदारी कृत्रिम कमी पैदा कर रही है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ रही है।'


एसजेएम ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने केवल गैस, तेल, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और आपूर्ति को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि कुछ लोग इस स्थिति का लाभ उठाकर जमाखोरी कर रहे हैं। महाजन ने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की कमी से संबंधित अफवाहें फैलाने से बचें।


उन्होंने कहा, 'लोगों को केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचना स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए और ऐसी अपुष्ट जानकारियों को फैलाने से बचना चाहिए, जो दहशत पैदा कर सकती हैं। एसजेएम के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट के दौरान सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।'