ईरान संकट का असर: एयरलाइंस शेयरों में भारी गिरावट
खाड़ी देशों में एयरस्पेस बंद होने का प्रभाव
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद खाड़ी देशों में एयरस्पेस के बंद होने का सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। निवेशकों ने एयरलाइंस और ट्रैवल कंपनियों से अपने निवेश को तेजी से निकालना शुरू कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप इन कंपनियों के मार्केट कैप में भारी कमी आई है। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर बीएसई पर 7.50 प्रतिशत गिर गए, जबकि स्पाइसजेट के शेयर में 7.27 प्रतिशत की कमी आई। ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल यात्रा ऑनलाइन के शेयरों में शुरुआती कारोबार में 11.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
अन्य कंपनियों पर भी असर
इसी प्रकार, ईजी ट्रिप प्लानर्स के शेयरों में 9.39 प्रतिशत, टीबीओ टेक में 8.19 प्रतिशत और थॉमस कुक (इंडिया) के शेयरों में 5.40 प्रतिशत की गिरावट आई। व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स बाजार खुलने के थोड़े समय बाद 1,027.60 अंक गिरकर 80,284.17 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 305.95 अंक गिरकर 24,864.35 पर कारोबार कर रहा था।
पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध
इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे उड़ानों का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से खाड़ी देशों के प्रमुख विमानन केंद्रों के माध्यम से भारत-यूरोप मार्ग पर उड़ानों में बाधा उत्पन्न हुई है। भारतीय टूर ऑपरेटर संघ (आईएटीओ) ने बताया कि इस संकट के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगने से बुकिंग रद्द होने और यात्रा कार्यक्रम में बदलाव के अनुरोधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
