Newzfatafatlogo

ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट: अमेरिका का बड़ा कदम

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट देने का निर्णय लिया है, जो वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच महत्वपूर्ण है। इस कदम से कई देशों को राहत मिलेगी और तेल की कीमतों पर नियंत्रण पाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस फैसले के पीछे की रणनीति और ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी है। जानें इस निर्णय के प्रभाव और इसके पीछे की वजहें।
 | 
ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट: अमेरिका का बड़ा कदम

ईरानी तेल पर प्रतिबंध में बदलाव


ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट: अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमले के बाद से लगभग तीन सप्ताह बीत चुके हैं। इस संघर्ष ने मध्य पूर्व में ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। हार्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि गैस की कमी भी महसूस की जा रही है। इस स्थिति में, अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है।


ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने से कई देशों को राहत मिलेगी। इस निर्णय के बाद, ईरान का तेल बिना किसी दंड के खरीदा और बेचा जा सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह कदम तेल की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करेगा। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि ईरान के तेल पर लगी पाबंदी अगले 30 दिनों के लिए हटा दी गई है, जो 20 मार्च से 19 अप्रैल के बीच जहाजों में भरे गए तेल पर लागू होगी।


अमेरिकी वित्त मंत्री का बयान

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा, "ईरान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है, और राष्ट्रपति ट्रंप के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के माध्यम से, हम इस महत्वपूर्ण लड़ाई में तेजी से जीत हासिल कर रहे हैं। ईरान के आतंकवादी हमलों के जवाब में, ट्रंप प्रशासन वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बढ़ाने और बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपनी आर्थिक और सैन्य शक्ति का उपयोग करेगा।"


उन्होंने आगे कहा, "आज, ट्रेजरी विभाग एक सीमित दायरे का अधिकार पत्र जारी कर रहा है, जो समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देता है। वर्तमान में, प्रतिबंधों के तहत आने वाले ईरानी तेल को चीन सस्ते दामों पर जमा कर रहा है। इस मौजूदा आपूर्ति को कुछ समय के लिए खोलकर, अमेरिका लगभग 140 मिलियन बैरल तेल तेजी से वैश्विक बाजारों में लाएगा, जिससे ऊर्जा की मात्रा बढ़ेगी और ईरान के कारण आपूर्ति पर पड़े अस्थायी दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।"


बेसेंट का आगे का बयान


बेसेंट ने कहा, "यह अस्थायी अधिकार पत्र केवल उस तेल तक सीमित है जो पहले से ही रास्ते में है, और यह नई खरीद या उत्पादन की अनुमति नहीं देता है। इसके अलावा, ईरान को इससे होने वाली किसी भी कमाई तक पहुँचने में मुश्किल होगी, और अमेरिका ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखेगा। अब तक, ट्रंप प्रशासन वैश्विक बाजार में लगभग 440 मिलियन अतिरिक्त बैरल तेल लाने के लिए काम कर रहा है, जिससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधाएँ डालकर ईरान की क्षमता को कमजोर किया जा सके।"


उन्होंने यह भी कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप का ऊर्जा-समर्थक एजेंडा अमेरिका के तेल और गैस उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचाने में सफल रहा है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और ईंधन की कीमतें कम हुई हैं। अब कोई भी कम समय की बाधा अंततः अमेरिकियों के लिए लंबे समय के आर्थिक लाभ में बदल जाएगी, क्योंकि सुरक्षा के बिना कोई समृद्धि नहीं होती।"